प्रियंका, कृष्णा अल्लावारू, तेजस्वी और राहुल गांधी (फोटो- सोशल मीडिया)
पटनाः दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद सभी राजनेताओं का मेला बिहार में लगने वाला है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि दिल्ली की अपेक्षा बिहार में पार्टी की स्थिति अच्छी है। साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति कांग्रेस पार्टी अभी से बनाने में जुट गई है। राहुल गांधी कोर टीम का मानना है कि इस बार सीटों की संख्या से ज्यादा जीताऊं सीटों पर फोकस करना चाहिए।
बिहार में कांग्रेस दलितों को साधन में जुटी हुई है। यह रणनीतिक चेंज दिल्ली में चुनाव में हार के बाद किया गया है। पिछले विधानसभा कांग्रेस पार्टी के स्ट्राइक रेट को लेकर काफी सवाल उठे, ये भी कहा कि तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री न बन पाने का कारण कांग्रेस का खराब प्रदर्शन था। लोकसभा चुनाव में बेहतर स्ट्राइरेट के बाद राहुल गांधी की टीम का मानना है कि सीट से ज्यादा जीत को अहमियत दी जानी चाहिए।
राहुल ने अपने करीबी को भेजा बिहार
यह चुनाव पूरी तरफ से कांग्रेस आलाकमान की देखरेख में होगा। बिहार लोकल लीडरशिप का सहयोग उतना ही लिया जाएगा, जितनी अवश्यकता है। इसलिए राहुल गांधी के करीब कृष्णा अल्लावरू प्रभारी बनाकर भेजा गया है। वह राज्य में पार्टी के अंदर की गुटबाजी को खत्म करेंगे। इसके साथ संगठन का भी गठन करेंगे। वहीं चुनाव की बात करें तो सूत्रों के प्रियंका गांधी के नेतृत्व में यह पूरा चुनाव होगा।
लोकसभा चुनाव के तर्ज रणनीति तैयार
लोकसभा चुनाव की तर्ज पर राहुल गांधी ने बिहार की रणनीति तैयार की है। पार्टी ने राज्य में एक इंटरनल सर्वे कराया है। सूत्रों के मुताबिक 50 ऐसी सीटें हैं, जहां कांग्रेस मजबूती से चुनाव लड़ेगी और जीत की संभावना 90 प्रतिशत के करीब है। इस फॉर्मूल के तहत उन सीटों पर लड़ने का प्रयास करेगी, जहां मजबूत हो। इसके लिए सीटों की अदला-बदली भी हो सकती है। कांग्रेस नेता का कहना है, ‘दिल्ली जैसी स्थिति बिहार की नहीं है। यहां हमारे अलायंस के पार्टनर शुरू से लॉयल रहे हैं। ऐसे में पार्टी अपने नेचुरल अलायंस को बरकरार रखकर मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी।’
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मार्च में बिहार आ सकती हैं प्रियंका गांधी
बिहार में कांग्रेस का फोकस दलित वोट बैंक पर है। इसी रणनीति के तहत इस साल अब तक राहुल गांधी दो बार बिहार का दौरा कर चुके हैं। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, इस माह यानी फरवरी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 2 सभाएं करेंगे। इसके बाद मार्च में प्रियंका गांधी बिहार आ सकती हैं। उनका कार्यक्रम बनाया जा रहा है। हालांकि, यह अभी तय नहीं है। मल्लिकार्जुन खड़गे 22 फरवरी को बक्सर में जनसभा करेंगे। इसके बाद 28 फरवरी को पश्चिम चंपारण में भी उनकी सभा की तैयारियां की जा रही है। उनकी सभाओं का नाम जय बापू, जय भीम, जय संविधान रखा गया है।