CM नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव
Bihar Pre-Election Survey: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा हाई है। चुनाव आयोग की तरफ से जल्द ही बिहार चुनाव की तारीखों की घोषणा की जा सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि बिहार में नवंबर के पहले हफ्ते में विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं। इस बीच बिहार चुनाव को लेकर अलग-अलग एजेंसियों के ओपिनियन पोल भी सामने आने लगे हैं। टाइम्स नाउ-जेवीसी के ओपिनियन पोल के मुताबिक बिहार में एक बार फिर से एनडीए गठबंधन की सरकार बनती हुई दिख रही है।
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड) तथा अन्य दलों का एनडीए गठबंधन एक और कार्यकाल के लिए सत्ता में आ सकता है। ओपिनियन पोल के आंकड़ों के मुताबिक, एनडीए को पिछले चुनावों की तुलना में बड़ी जीत मिलने का अनुमान लगाया गया है।
आने वाले बिहार विधानसभा चुनावों के लिए टाइम्स नाउ-जेवीसी जनमत सर्वेक्षण के मुताबिक, एनडीए 243 सदस्यीय विधानसभा में 136 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती हैं, जबकि राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाला और कांग्रेस और लेफ्ट दलों वाला महागठबंधन राज्य में 75 सीटों तक ही सीमित रह सकता है। इस बीच बता दें कि बिहार में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 122 सीटों का है।
ओपिनियन पोल में अनुमान लगाया है कि भाजपा को आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा और उसकी सीटों की संख्या पिछले चुनावों के 74 से बढ़कर 81 हो सकती है। सर्वे के अनुसार, पार्टी को 64 सीटें जीतने की उम्मीद है, जबकि 17 अन्य सीटों पर उसे बढ़त हासिल है।
हालांकि सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जद(यू) की सीटों की संख्या में एक बार और गिरावट आ सकती है, क्योंकि ओपिनियन पोल में जदयू को 29 सीटों पर जीत और 2 पर बढ़त का अनुमान लगाया गया है, जिससे उसकी सीटों की संख्या अधिकतम 31 सीटों तक ही पहुंच सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
बता दें कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने 2020 के चुनावों में 43 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जो उसकी पिछली 71 सीटों की संख्या से कुल 28 कम थी।
ओपिनियन पोल के मुताबिक, महागठबंधन में, तेजस्वी और लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल 52 सीटें पर जात दर्ज करती दिख रही है, जिसमें 37 सीटों पर जीत और 15 पर बढ़त का अनुमान लगाया गया है। ये 2020 के चुनावों में मिला 75 सीटों पर जीत की तुलना में उसकी सीटों की संख्या में एक बड़ी गिरावट होगी और वो सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। महागठबंधन की दूसरी पार्टी कांग्रेस की सीटें भी 2020 के चुनावों में मिली 19 सीटों से घटकर 10 (8 सीटों पर जीत और 2 सीटों पर बढ़त) रह सकती हैं। सर्वे के अनुसार, लेफ्ट और अन्य को सर्वोत्तम स्थिति में कुल मिलाकर 13 सीटें मिल सकती हैं।
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वहीं ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को 3 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि प्रशांत किशोर जो पहली बार चुनावी मैदान में हैं, उनकी पार्टी जन सुराज 2 सीटों के साथ शुरुआत कर सकती है। बसपा को एक सीट मिलने का अनुमान है, वहीं 26 सीटों पर कड़ा मुकाबला होने की संभावना है।