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संभल हिंसा जांच रिपोर्ट: दंगे की साजिश, हिंदूओं की घटती आबादी…, 450 पन्नों में दर्ज है पूरी सच्चाई
Uttar pradesh: संभल हिंसा की विस्तृत जांच रिपोर्ट न्यायिक जांच आयोग ने सीएम योगी को सौंप दी हैं। जिसमें संभल में हिंदूओं की घटती आबादी से लेकर हिंसा की साजिश रचने तक कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए है।
- Written By: पूजा सिंह

सीएम योगी आदित्यनाथ (सौ. सोशल मीडिया)
Sambhal Violence Investigation Report: 24 नवंबर 2024 को उत्तर प्रदेश के संभल में शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा की विस्तृत जांच रिपोर्ट गठित न्यायिक जांच आयोग ने गुरूवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। गठित न्यायिक आयोग ने 271 दिनों में संभल हिंसा को लेकर 450 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी है। जिसमें 100 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं।
बता दें कि, 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 29 नवंबर को जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है। न्यायिक जांच आयोग ने 271 दिन बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। हिंसा के जांच के दौरान करीब 100 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
रिपोर्ट में हिंसा की साजिश रचने का जिक्र
सूत्रों की माने तो इस रिपोर्ट में हिंसा की साजिश रचने से लेकर हिंसा के दौरान सक्रियता और कमजोरी का भी जिक्र किया गया है। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में आजादी के बाद जो दंगे और हिंसा हुए उनका भी जिक्र किया गया है। सांसद और जामा मस्जिद कमेटी के सदर हिंसा की साजिश के आरोप में पहले से घिरे हैं। सूत्रों का कहना है कि न्यायिक जांच आयोग ने इसका भी जिक्र इस रिपोर्ट में किया है।
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तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग ने किया संभल का दौरा
हिंसा के बाद 29 नवंबर को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से हाईकोर्ट से सेवानिवृत जज देवेंद्र अरोड़ा की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया गया था। इसमें सेवानिवृत्त आईपीएस एके जैन और आईएएस अमित प्रसाद सदस्य के रूप में शामिल किए गए। न्यायिक जांच आयोग ने हिंसा के बाद पहला दौरा 1 दिसंबर को किया था। इस दौरान उन इलाके का भ्रमण किया था जहां हिंसा हुई थी। इसके बाद आयोग ने तीन अन्य दौरे भी किए। आयोग ने दौरे के दौरान करीब 100 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए थे। जिसमें सरकारी अधिकारी, कर्मचारी के साथ आम लोग भी शामिल थे।
रिपोर्ट में बताया गया ‘हिंसा सुनियोजित थी’
जांच रिपोर्ट में 19 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के आदेश से लेकर 24 नवंबर को हुए हिंसा के सभी तथ्य शामिल किए गए हैं। सूत्रों का कहना है रिपोर्ट में बताया गया है कि, हिंसा सुनियोजित थी। भीड़ को एकत्र किया गया था। जिससे शहर के हालात बिगड़े। वहीं, इस दौरान पुलिस ने किस तरह से भीड़ पर काबू पाया और कहां चूक रही। इन सभी बतों का जिक्र किया गया है।
आजादी के बाद इन दंगों ने संभल को किया प्रभावित
जांच आयोग के रिपोर्ट में हिंदू आबादी के पलायन का भी जिक्र किया गया है। बताया जा रहा है कि जब भी आयोग की टीम जांच करने पहुंची तो हिंदू समाज से जुड़े लोग आयोग के सामने पहुंचे। और सभी ने पूर्व में अलग-अलग समय में हुए दंगों की जांच कराने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की थी। लोगों की इस मांग का भी रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है। आजादी के बाद से संभल में साल 2024 तक हुए दंगे और हिंसा से हिंदू आबादी किस तरह प्रभावित हुई और पलायन तक करने के लिए मजबूर हुई इस बात का भी जिक्र किया गया है। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि, रिपोर्ट में 1978, 1986, 1992 के दंगों से जुड़े मुकदमों की जानकारी भी शामिल की गई है।
संभल हिंसा की विस्तृत जांच रिपोर्ट न्यायिक जांच आयोग ने सीएम योगी को सौंपी
जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्यों का हुआ जिक्र
- आजादी के बाद संभल की डेमोग्राफी सुनियोजित दंगों और तुष्टीकरण की राजनीति की वजह से बदलती गई।
- आजादी के दौरान संभल नगर पालिका में 45 प्रतिशत हिंदू आबादी थी, जो वर्तमान में घटकर महज 15 फीसद रह गई है।
- रिपोर्ट में बताया गया है कि, यह बदलाव लगातार हिंसा की वजह से पलायन और हिंदुओं के कत्लेआम की वजह से हुआ।
- रिपोर्ट में जिक्र किया गया है कि, जब तक संभल में आबादी 40 फीसद के ऊपर रही, तब तक दंगा, लव जिहाद और धर्मांतरण के जरिए उसको कम किया जाता रहा।
- जैसे ही हिंदुओं की आबादी 20 फीसद से कम हुई, यह संघर्ष विदेशी बनाम देसी मुसलमान का हो गया।
- संभल में तुर्क और कंवर्टेड हिंदू पठान आपस में लड़ने लगे।
- संभल में बीते सात दशक के दौरान 15 दंगों हुए।
- रिपोर्ट के मुताबिक संभल में 1936 से 2019 तक 15 दंगे हुए, जिनमें 213 मौतें हुईं। इनमें 209 हिंदुओं की हत्या हुई थी।
- 1978 में होली के बाद 184 हिंदुओं का नरसंहार हुआ था, इस दौरान किसी भी मुस्लिम की मौत नहीं हुई।
- रिपोर्ट के मुताबिक, सभी दंगों में केवल चार मुस्लिमों की मौत हुई।
- 2 मौतें 1992 के अयोध्या में विवादित ढांचे के विध्वंस के बाद भड़के दंगे में हुई।
- 2लोगों की मौत साल 2019 में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में हुई थी।
- जांच आयोग के रिपोर्ट में संभल में कई आतंकी संगठनों के सक्रिय होने का जिक्र किया गया है।
- जिसमें लाना आसिम उर्फ सना-उल-हक का उल्लेख किया गया है, जिसे अमेरिका आतंकवादी घोषित कर चुका है।
- रिपोर्ट में बताया गया है कि, संभल में अवैध हथियार और मादक पदार्थों का कारोबार तेजी से बढ़ता जा रहा है।
- रिपोर्ट में शासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए है।
- ऐसी घटनाओं को भविष्य रोकने के लिए सुझाव भी दिए हैं।
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CM ने दिए कार्रवाई के आदेश
सूत्रों के मुताबिक न्यानिक जांच आयोग ने जो रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी है। उसके आधार पर सीएम योगी ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि आयोग ने कि रिपोर्ट का अध्ययन किया जाएगा और रिपोर्ट को सदन में पेश करने के लिए कैबिनेट से मंजूरी भी ली जाएगी।
Sambhal riot investigation report the judicial investigation commissions report made many shocking revelations about the conspiracy to riot in sambhal
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