'ये मांगने से नहीं मिलता' नीतीश के लिए भारत रत्न की डिमांड पर चिराग पासवान का अनोखा बयान

JDU के सीनियर नेता केसी त्यागी ने PM मोदी को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि CM नीतीश कुमार को भारत रत्न दिया जाए। इस बीच, चिराग पासवान ने इस मांग को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है।
Chirag Paswan Statement on Nitish Kumar Bharat Ratna Demand
चिराग पासवान का चौंकाने वाला बयान (कॉन्सेप्ट फोटो- सोशल मीडिया)
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Chirag Paswan Statement on Nitish Kumar Bharat Ratna Demand: बिहार की राजनीति में एक बार फिर भारत रत्न को लेकर चर्चा गर्म हो गई है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए देश के सर्वोच्च सम्मान की मांग की है। इस मांग ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। लेकिन इस बीच एनडीए के ही सहयोगी चिराग पासवान ने कुछ ऐसा कह दिया है जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया है।

शनिवार को दिल्ली से पटना पहुंचते ही चिराग पासवान ने मीडिया के सवालों का बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत रत्न जैसा सम्मान किसी के मांगने या चाहने भर से नहीं मिल जाता। इसके लिए एक तय प्रक्रिया होती है जिससे गुजरना पड़ता है। चिराग के इस बयान ने राजनीतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर उनके इस बयान के असली मायने क्या हैं।

काबिलियत पर कही बड़ी बात

चिराग पासवान ने साफ किया कि भारत रत्न एक सर्वोच्च सम्मान है और यह एक लंबी प्रक्रिया के तहत ही दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इस प्रक्रिया में जो भी व्यक्ति काबिल पाया जाएगा, उसे यह सम्मान जरूर मिलेगा। हालांकि, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख ने मुख्यमंत्री की तारीफ में कोई कसर नहीं छोड़ी। चिराग ने माना कि पिछले दो दशकों में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने आगे बढ़ने का काम किया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि वे मानते हैं कि नीतीश कुमार इस अधिकार और सम्मान के पूरी तरह काबिल हैं, लेकिन प्रक्रिया का पालन जरूरी है।

लालू यादव पर सीधा निशाना

वहीं, जब पत्रकारों ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर तय हुए आरोपों को लेकर सवाल किया, तो चिराग ने इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि हमारा देश कानून और संविधान से चलता है। तथ्यों के आधार पर ही न्यायालय में किसी पर आरोप तय होते हैं, इसका मतलब कहीं न कहीं दोष सिद्ध हुए होंगे। चिराग ने स्पष्ट किया कि अगर कोर्ट ने आरोप तय किए हैं, तो जरूर कुछ न कुछ सबूत सामने आए होंगे। सजा क्या होगी, यह आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन मैंने हमेशा कानून का सम्मान किया है।

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