मुंबई में बड़ी कार्रवाई: यारी रोड से 25 बांग्लादेशी गिरफ्तार, कोलकाता और गुजरात के रास्ते पहुंचे थे अंधेरी

Mumbai Police Arrest 25 Bangladeshis: मुंबई के वर्सोवा से 25 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार। कोलकाता, दिल्ली और गुजरात के रास्ते मुंबई पहुंचे थे आरोपी। फर्जी दस्तावेजों के साथ एटीसी ने पकड़ा।
Mumbai Police Arrest 25 Bangladeshis
Mumbai Police Arrest 25 Bangladeshis प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
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Versova ATC Operation Yari Road: मुंबई पुलिस ने घुसपैठियों के खिलाफ अपना अभियान तेज करते हुए अंधेरी पश्चिम के यारी रोड इलाके से 25 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। वर्सोवा पुलिस स्टेशन की एंटी-टेरर सेल (ATC) ने इस गुप्त ऑपरेशन को अंजाम दिया। पकड़े गए आरोपियों में 21 ट्रांसजेंडर, 2 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं, जो पिछले कई वर्षों से अपनी पहचान छिपाकर मुंबई में अवैध रूप से रह रहे थे।

पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि ये सभी लोग देर रात यारी रोड स्थित एक दरगाह के पास इकट्ठा होने वाले हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ें तलाश रही है कि आखिर इतने वर्षों तक ये लोग सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से कैसे बचे रहे और इनके फर्जी दस्तावेज बनाने में किन स्थानीय लोगों ने मदद की।

कोलकाता से गुजरात तक का 'रूट' और फर्जी दस्तावेज

प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने भारत में घुसपैठ के लिए एक लंबा रास्ता तय किया था। ये सभी आरोपी पहले बांग्लादेश सीमा पार कर अवैध रूप से कोलकाता पहुंचे। इसके बाद वे दिल्ली और गुजरात के विभिन्न शहरों में रुके और अंततः आर्थिक राजधानी मुंबई को अपना ठिकाना बनाया। आरोपियों के पास से पुलिस ने बड़ी संख्या में फर्जी भारतीय पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड) और कुछ मूल बांग्लादेशी दस्तावेज भी बरामद किए हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन दस्तावेजों का उपयोग किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि के लिए भी किया जाना था।

एटीसी (ATC) की छापेमारी और दरगाह कनेक्शन

वर्सोवा पुलिस की एंटी-टेरर सेल को जब इन लोगों के दरगाह पर एकत्रित होने की सूचना मिली, तो बिना समय गंवाए इलाके की घेराबंदी की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये लोग खुद को स्थानीय दिखाने की कोशिश कर रहे थे ताकि किसी को शक न हो। पकड़े गए लोगों से पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उनके तार किसी बड़े मानव तस्करी गिरोह या देश विरोधी तत्वों से तो नहीं जुड़े हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें वापस डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

शहरव्यापी सर्च ऑपरेशन और भविष्य की कार्रवाई

मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों का पता लगाने के लिए विशेष टीमें पहले से ही सक्रिय हैं। वर्सोवा की यह कार्रवाई उसी कड़ी का एक हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि मुंबई के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के 'स्लीपर सेल' या अवैध बस्तियों की तलाशी ली जा रही है। स्थानीय निवासियों से भी अपील की गई है कि यदि उनके पड़ोस में कोई संदिग्ध व्यक्ति बिना वैध दस्तावेजों के रह रहा हो, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस गिरोह के पकड़े जाने से मुंबई में सक्रिय एक बड़े घुसपैठ नेटवर्क के उजागर होने की उम्मीद है।

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