नागपुर पेपर लीक कांड की जांच के लिए SIT गठित, कोचिंग संचालकों की गिरफ्तारी के बाद स्कूल प्रबंधन रडार पर

Nagpur Board Paper Leak: नागपुर में पेपर लीक मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने SIT गठित कर जांच तेज कर दी है। कई कोचिंग संचालक गिरफ्तार हैं और अब स्कूल सेंटर्स की भूमिका की जांच हो रही है।
Nagpur Paper Leak Case SIT Investigation
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोाशल मीडिया)
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Nagpur Paper Leak Case SIT Investigation: नागपुर पेपर लीक प्रकरण की बारीकी से जांच करने के लिए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस प्रकरण में प्राइवेट कोचिंग क्लासेस के संचालकों की गिरफ्तारी होने के बाद मामला और गंभीर होता जा रहा है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुट गई है कि आखिर पेपर किस सेंटर से लीक किया गया। इसमें स्कूल प्रबंधन या कर्मचारियों की भूमिका होने की जानकारी सामने आ रही है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए छात्र को न्यायालय से जमानत मिल गई है।

ज्ञात हो कि सदर पुलिस ने विगत 19 फरवरी को जिला परिषद के शिक्षाधिकारी अनिल दहिफले की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। यह मामला तब प्रकाश में आया जब परीक्षा केंद्र में एक छात्रा की गतिविधि संदेहास्पद पाई गईं। प्रकरण की जांच के दौरान पता चला कि टेक-1 नामक वाट्सएप ग्रुप से प्रश्नपत्रिका फारवर्ड की गई थी।

कोचिंग संचालक और छात्र गिरफ्तार

पहले पुलिस ने कोचिंग सेंटर संचालक निशिकांत मूल और उसकी कोचिंग में पढ़ने वाले छात्र फरहान फहीम अख्तर को गिरफ्तार किया था। पकड़े जाने के बाद फरहान की तबीयत बिगड़ गई और उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया। इस बीच ने मोमिनपुरा स्थित एक्सीलेंट अकादमी के संचालक मुस्तफा मुनीर खान और उसके सहयोगी जुनैद मोहम्मद अब्दुल जावेद को गिरफ्तार किया गया। न्यायालय ने चारों आरोपियों को 26 फरवरी तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया था।

छात्र फरहान अख्तर को मिली जमानत

इस बीच फरहान के वकील गुरुप्रीत चंडोक और राजेंद्र शाहू ने न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की। उसकी भूमिका जांच पूरी होने और बुधवार को बोर्ड परीक्षा होने का हवाला दिया गया। परीक्षा में उसका उपस्थित रहना जरूरी है, बताया गया। न्यायालय ने फरहान की जमानत मंजूर की है। मामले की तह तक जाने के लिए सीपी रवींद्रकुमार सिंगल ने डीसीपी नित्यानंद झा को एसआईटी का गठन करने का निर्देश दिया। झा ने एपीआई और पीएसआई के नेतृत्व में 6 लोगों की टीम का गठन किया है।

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