'2026 में नहीं होगा तीसरा विश्वयुद्ध'; अमेरिकी एक्सपर्ट की भविष्यवाणी, क्या टल गया महाविनाश का खतरा!

World War 3 Prediction: जियोपॉलिटिकल विशेषज्ञ वेलिना चकारोवा का कहना है कि साल 2026 में अमेरिका-चीन-रूस के बीच सीधे टकराव की संभावना नहीं है। वहीं, यूक्रेन-गाजा जैसे इलाकों में भी हालात सामान्य होंगे।
'The Third World War will not happen in 2026'; American expert's prediction, has the threat of global catastrophe been averted?
ट्रंप, पुतिन और जिनपिंग, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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US China Russia War News: दुनियाभर में जारी तनाव, विशेष रूप से यूक्रेन और मध्य-पूर्व के संकटों को देखते हुए कई विशेषज्ञ इस साल तीसरे विश्वयुद्ध की आशंका जता रहे हैं। हालांकि, अमेरिका की प्रसिद्ध जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट वेलिना चकारोवा ने एक सकारात्मक भविष्यवाणी करते हुए वर्ष 2026 में किसी भी महायुद्ध की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है। उनके अनुसार, दुनिया की तीन सबसे बड़ी शक्तियां अमेरिका, चीन और रूस फिलहाल किसी भी 'हॉट वॉर' में शामिल होना नहीं चाहती हैं।

रूस, चीन और ताइवान पर बड़ी भविष्यवाणी

चकारोवा के पूर्वानुमानों के अनुसार, 2026 में चीन ताइवान पर कोई सैन्य हमला नहीं करेगा, हालांकि हिंद महासागर में सैन्यीकरण बढ़ने से तनाव बना रह सकता है। रूस और यूरोप के बीच किसी भी परमाणु युद्ध या पारंपरिक टकराव की संभावना को भी उन्होंने नकार दिया है। इसके बजाय, उन्होंने संकेत दिया है कि अमेरिका और रूस के बीच राजनीतिक समझौता हो सकता है जिससे यूक्रेन युद्ध में युद्धविराम या संघर्ष स्थगित होने की स्थिति बन सकती है।

हॉटस्पॉट्स का स्थिरीकरण और प्रॉक्सी वॉर का खतरा

विशेषज्ञ का मानना है कि 2026 में यूक्रेन, गाजा और ताइवान जैसे तीन प्रमुख भू-राजनीतिक हॉटस्पॉट्स में अस्थायी समझौतों के माध्यम से स्थिरता आ सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दुनिया पूरी तरह शांत रहेगी। चकारोवा ने चेतावनी दी है कि अफ्रीका (साहेल क्षेत्र), आर्कटिक (ग्रीनलैंड) और दक्षिण-पूर्वी एशिया जैसे क्षेत्रों में 'प्रॉक्सी वॉर' और सैन्य संघर्षों की अस्थिरता बढ़ सकती है।

भविष्य की चुनौतियां: AI और हथियारों की नई दौड़

भविष्य की जंग अब केवल मैदान पर नहीं, बल्कि डिजिटल और अंतरिक्ष में लड़ी जाएगी। चकारोवा के अनुसार, चौथी औद्योगिक क्रांति और AI गेमचेंजर साबित होंगे। दुनिया अब साइबर और अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ पारंपरिक और परमाणु हथियारों की दौड़ के एक नए युग में प्रवेश कर रही है।

इसके अलावा, सेमिकंडक्टर चिप्स, ऊर्जा मिश्रण और आपूर्ति श्रृंखलाओं के नियंत्रण को लेकर वैश्विक शक्तियों के बीच प्रतिद्वंद्विता अपने अगले स्तर पर पहुंच सकती है। कुल मिलाकर 2026 युद्ध का नहीं बल्कि तनाव को मैनेज करने और नए सुरक्षा गठबंधनों के उभरने का साल होगा।

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