'गुलामों जैसी शांति मंजूर नहीं', ट्रंप ने दी धमकी तो भड़के मादुरो, कहा- हमला हुआ तो...

US-Venezuela Tensions: अमेरिका-वेनेजुएला तनाव चरम है; ट्रंप ने मादुरो को देश छोड़ने की सलाह देकर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी, जबकि मादुरो ने संप्रभुता और स्वतंत्रता वाली शांति पर जोर।
'गुलामों जैसी शांति मंजूर नहीं', ट्रंप ने दी धमकी तो भड़के मादुरो, कहा- हमला हुआ तो...
डोनाल्ड ट्रंप, निकोलस मादुरो (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Trump-Maduro Phone Call: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव इस समय चरम पर है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से फोन पर बातचीत की और उन्हें अपने परिवार सहित देश छोड़ने की सलाह दी। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि मादुरो ऐसा नहीं करते, तो उनके खिलाफ सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया जा सकता है।

वहीं, मादुरो ने संभावित अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप पर चिंता जताते हुए कहा कि वे “गुलामों जैसी शांति” स्वीकार नहीं करेंगे। ट्रंप पहले ही कैरिबियन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नौसैनिक बल तैनात कर चुके हैं और बमबारी की धमकियाँ भी दे चुके हैं, जिससे यह आशंका बढ़ गई है कि अमेरिका कोई बड़ा कदम उठा सकता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से बात करेगें ट्रंप

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने बताया कि ट्रंप इस मुद्दे पर अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से चर्चा करेंगे, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अंतिम निर्णय क्या होगा। वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों की संभावित तैनाती को लेकर भी उन्होंने कोई सीधा उत्तर नहीं दिया। उनका कहना था कि राष्ट्रपति के पास कई विकल्प मौजूद हैं, लेकिन वह यह नहीं बताएँगी कि वे किन विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। कराकस में एक रैली को संबोधित करते हुए मादुरो ने कहा कि वेनेजुएला शांति तो चाहता है, लेकिन वह संप्रभुता, समानता और स्वतंत्रता के साथकिसी प्रकार की दासता या उपनिवेशवाद जैसी शांति स्वीकार नहीं करेगा। तनाव के बीच अमेरिका ने क्षेत्र में विश्व के सबसे बड़े विमानवाहक पोत सहित कई जहाज भेज दिए हैं और मादुरो समर्थित कथित ड्रग कार्टेल को आतंकवादी संगठन करार दिया है।

पहली बार मादुरो से बात

अमेरिका का कहना है कि सितंबर से शुरू की गई यह सैन्य तैनाती क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए है, जबकि वेनेजुएला इसे शासन परिवर्तन की साजिश मानता है। ट्रंप ने रविवार को बताया कि जनवरी में पद संभालने के बाद वे पहली बार मादुरो से बात कर रहे थे, लेकिन उन्होंने बातचीत का विवरण साझा नहीं किया। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से उन्होंने कहा कि यह कहना ठीक नहीं होगा कि बात अच्छी रही या बुरी यह सिर्फ एक फोन कॉल थी।

इसी बीच ट्रंप और मादुरो के बीच संभावित मुलाकात की भी चर्चा है। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि यदि मादुरो पद छोड़कर देश से बाहर चले जाते हैं, तो उन्हें माफी मिल सकती है। रिपब्लिकन सीनेटर मार्कवेन मुलिन का दावा है कि अमेरिका ने मादुरो को रूस या किसी अन्य देश जाने का अवसर दिया है।

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