कनाडा में US दूतावास पर चलीं गोलियां, टेक्सास के 'अल्लाह' टी-शर्ट से जुड़ा कनेक्शन; निशाने पर पश्चिमी ठिकाने

US Consulate Shooting: मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-अमेरिका युद्ध की आंच अब सात समंदर पार कनाडा तक पहुंच गई है। टोरंटो में अमेरिकी दूतावास पर फायरिंग ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है।
Shots fired at US Embassy in Canada, connection linked to 'Allah' T-shirt in Texas; Western targets targeted
कनाडा में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर गोलीबारी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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US Consulate Canada Shooting: ईरान और अमेरिका के बीच मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र में छिड़ी जंग की चिंगारी अब सात समंदर पार पश्चिमी देशों की सुरक्षित मानी जाने वाली गलियों तक पहुंच गई है। मंगलवार तड़के कनाडा के टोरंटो में स्थित अमेरिकी दूतावास पर हुई अंधाधुंध फायरिंग ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस हमले के तार अमेरिका के टेक्सास में हुए उस खूनी मंजर से जुड़े हो सकते हैं, जहां एक 'लोन वुल्फ' हमलावर ने सरेआम कत्लेआम मचाया था।

टोरंटो दूतावास पर तड़के हमला

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, टोरंटो में अमेरिकी दूतावास की इमारत पर मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे गोलियां चलाई गईं। हमलावर ने दूतावास के मुख्य गेट को निशाना बनाया, जिसके कांच के दरवाजों पर गोलियों के निशान साफ देखे गए हैं। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। दिलचस्प बात यह है कि यह दूतावास उसी इलाके में स्थित है जहां पिछले कुछ दिनों से ईरान युद्ध के खिलाफ लगातार प्रदर्शन हो रहे थे।

टेक्सास कांड और 'अल्लाह' टी-शर्ट कनेक्शन

टोरंटो की इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद इसलिए उड़ा दी है क्योंकि इसके तार कुछ दिन पहले टेक्सास में हुए हमले से जुड़ रहे हैं। टेक्सास के एक भीड़भाड़ वाले बार में नदिआगा डियागने नामक हमलावर ने अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हुए थे। हमलावर ने 'Property of Allah' लिखी हुई टी-शर्ट पहनी थी और उसकी कार से कुरान बरामद हुई थी। पुलिस ने डियागने को मौके पर ही ढेर कर दिया था, जो मूल रूप से सेनेगल का था और अब अमेरिकी नागरिक बन चुका था।

खतरनाक होते 'लोन वुल्फ' हमले

सुरक्षा एजेंसियां इन दोनों घटनाओं को 'लोन वुल्फ' हमलों के तौर पर देख रही हैं। इसका मतलब है कि ये हमलावर किसी बड़े आतंकी संगठन के सीधे आदेश पर नहीं, बल्कि इंटरनेट पर युद्ध की खबरें और कट्टरपंथी वीडियो देखकर खुद ही 'बदला' लेने निकल पड़ते हैं। इनका कोई 'डिजिटल फुटप्रिंट' नहीं होता, जिससे इन्हें पकड़ना बेहद मुश्किल होता है।

एफबीआई (FBI) को शक है कि ये हमले ईरान पर अमेरिका द्वारा की जा रही बमबारी का प्रतिशोध हैं। मिडिल ईस्ट में जैसे-जैसे जंग तेज हो रही है, दुनिया भर में ऐसे 'लोन वुल्फ' सक्रिय हो रहे हैं जो अमेरिका और उसके सहयोगियों को निशाना बनाना चाहते हैं। इस खतरे को देखते हुए अब वैश्विक स्तर पर सभी अमेरिकी ठिकानों की सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई है।

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