ईरान के लिए 'कयामत की रात', US रक्षा मंत्री की खुली धमकी- आज बरसेंगी सबसे ज्यादा मिसाइलें; पुतिन को भी चेतावनी

US Iran War: अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेठ ने ईरान को चेतावनी दी है कि मंगलवार की रात 'कयामत' साबित होगी। सबसे भीषण हमले के साथ अमेरिका ने रूस को भी इस जंग से दूर रहने को कहा है।
"Doomsday Night" for Iran, US Defense Secretary openly threatens to launch the most missiles today; also warns Putin
पीट हेगसेठ, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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America Threat to Iran: ईरान और अमेरिका के बीच जारी महायुद्ध अब अपने सबसे विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। मंगलवार (10 मार्च, 2026) को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेठ ने एक खौफनाक बयान जारी करते हुए कहा है कि आज की रात ईरान के लिए 'कयामत की रात' होगी। पेंटागन की ओर से आए इस बयान ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है, क्योंकि अमेरिका ने अब तक का सबसे भीषण हवाई हमला करने का ऐलान किया है।

अब तक का सबसे बड़ा हमला

रिपोर्टरों से बात करते हुए रक्षा मंत्री हेगसेठ ने स्पष्ट किया कि मंगलवार को ईरान के खिलाफ सबसे अधिक संख्या में लड़ाकू विमान और बमवर्षक भेजे जाएंगे। उन्होंने इसे अब तक का सबसे तेज और घातक हमला करार दिया है। अमेरिका का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि वह इस युद्ध को तब तक नहीं रोकेगा जब तक कि उसका 'दुश्मन' पूरी तरह हार नहीं मान लेता। हेगसेठ के अनुसार, ईरान के नेता अब हताश हो चुके हैं और छटपटा रहे हैं।

मोजतबा खामेनेई और पुतिन को चेतावनी

अमेरिका ने न केवल सैन्य कार्रवाई बल्कि कूटनीतिक मोर्चे पर भी कड़े संदेश दिए हैं। हेगसेठ ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को सलाह दी है कि वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बातों को गंभीरता से लें और सार्वजनिक रूप से परमाणु हथियारों के विकास को छोड़ने की घोषणा करें। इसके साथ ही, रक्षा मंत्री ने खुलासा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कड़ाई से बात की है। ट्रंप ने रूस को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह ईरान के साथ इस युद्ध में शामिल न हो। अमेरिका का मानना है कि रूस को ईरान के मामले से दूर रहना चाहिए, हालांकि पुतिन के साथ हुई इस बातचीत से यूक्रेन युद्ध में शांति की संभावना बन सकती है।

आरोप-प्रत्यारोप और पलटवार

युद्ध के मैदान में तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हेगसेठ का दावा है कि ईरानी सेना जान-बूझकर स्कूलों और अस्पतालों का उपयोग मिसाइल दागने के लिए कर रही है। दूसरी ओर, अमेरिका खुद एक ईरानी बालिका विद्यालय पर हुए हमले के कारण अंतरराष्ट्रीय जांच के घेरे में है, जिसमें कई बच्चों की मौत हो गई थी।

ईरान ने भी इन धमकियों का करारा जवाब दिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारीजानी ने राष्ट्रपति ट्रंप को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि वे अपना ध्यान रखें ताकि कहीं उन्हें ही न मिटा दिया जाए। लारीजानी ने ट्रंप की धमकियों को 'खोखला' बताते हुए कहा कि ईरानी राष्ट्र ऐसी बातों से नहीं डरता। यह तनाव तब और बढ़ गया जब ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति रोकने पर 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करने की बात कही थी।

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