
अमेरिकी सांसद ने ग्रीनलैंड का केक काटा, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US MP Cut Greenland Cake: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को खरीदने या उस पर आधिपत्य जमाने की “पुराने जिद” को अब उनकी पार्टी के भीतर से भी जबरदस्त समर्थन मिलने लगा है। मंगलवार को अमेरिका की राजधानी के केनेडी सेंटर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान रिपब्लिकन सांसदों के एक समूह ने ग्रीनलैंड के आकार का एक विशाल केक काटा।
इस केक की खास बात यह थी कि इसे अमेरिकी झंडे के रंगों से सजाया गया था जो सीधे तौर पर इस द्वीप को अमेरिकी संप्रभुता के अधीन दिखाने की कोशिश थी।
इस कार्यक्रम की मेजबानी ‘रिपब्लिकन्स फॉर नेशनल रिन्यूअल’ नामक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा की गई थी। कार्यक्रम में मौजूद आयोजकों और समर्थकों ने खुले तौर पर ग्रीनलैंड को अमेरिका का 51वां राज्य घोषित कर दिया।
फ्लोरिडा से रिपब्लिकन सांसद एन पॉलिन ने इस केक का पहला हिस्सा काटकर ट्रंप की इस मुहिम को अपना आधिकारिक समर्थन दिया और बाद में इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। यह संगठन राष्ट्रपति ट्रंप के तीसरे कार्यकाल का भी समर्थक माना जाता है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने 21 जनवरी को दावोस में दिए अपने भाषण में ग्रीनलैंड पर अमेरिकी स्वामित्व के महत्व को फिर से दोहराया। ट्रंप का तर्क है कि अमेरिका की सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड पर कब्जा करना अनिवार्य है। उनका मानना है कि यदि अमेरिका ने इस द्वीप पर अपना नियंत्रण स्थापित नहीं किया, तो रूस या चीन इसे हथिया लेंगे जो अमेरिका के लिए एक बड़ा खतरा साबित होगा।
ट्रंप ने इस दौरान यूरोपीय देशों की कड़ी आलोचना की और उनके प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर अमेरिका नहीं होता तो ये यूरोपीय देश आज जर्मन भाषा बोल रहे होते। उन्होंने कनाडा पर भी निशाना साधते हुए उसे एक नक्शे के जरिए खाने की प्लेट में बताया जिससे कनाडा में भी डर और आक्रोश का माहौल है।
भले ही ट्रंप समर्थक जश्न मना रहे हों, लेकिन यूरोपीय देशों ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। ग्रीनलैंड वर्तमान में डेनमार्क की राजशाही के अधीन एक स्वायत्तशासी देश है जिसकी आबादी लगभग 57 हजार है।
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डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि ग्रीनलैंड उसका अभिन्न हिस्सा है और वह बिकाऊ नहीं है। फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों ने तो प्रतीकात्मक रूप से अपने सैनिकों को ग्रीनलैंड की रक्षा के लिए भी तैनात कर दिया है। वहीं ग्रीनलैंड के स्थानीय नेतृत्व ने ट्रंप को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए इस द्वीप से दूर रहने को कहा है।






