
अमेरिका-ईरान तनाव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Donald Trump Iran Policy News In Hindi: मिडिल ईस्ट में युद्ध के काले बादल गहराते जा रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां किसी भी वक्त भीषण सैन्य टकराव शुरू हो सकता है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है और संभावित ठिकानों का चयन भी कर लिया गया है।
अमेरिका का सबसे आधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln तीन अन्य विनाशक जंगी जहाजों के साथ पश्चिम एशिया के समंदर में तैनात हो चुका है, जिससे पूरे ईरान में हड़कंप मच गया है।
पश्चिमी मीडिया और खुफिया सूत्रों का दावा है कि अमेरिका ने बेहद सटीक हमलों की रणनीति बनाई है। उनके मुख्य निशाने पर ईरान के वे वरिष्ठ अधिकारी हैं जिन्होंने आंतरिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान दमनकारी भूमिका निभाई थी। खबरों के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई संभावित हमले के डर से बंकर में चले गए हैं और शासन की कमान फिलहाल उनके बेटे ने संभाल ली है।
हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड का आधिकारिक तौर पर कहना है कि यह तैनाती केवल इलाके में सुरक्षा कारणों से की गई है लेकिन खुफिया संकेत कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। हमले इसी हफ्ते होने की संभावना जताई जा रही है हालांकि ट्रंप प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि 1979 की क्रांति के बाद से ईरानी सरकार इस समय अपने सबसे कमजोर दौर से गुजर रही है। देश न केवल गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है, बल्कि सत्ता पर सरकार की पकड़ भी बेहद नाजुक हो चुकी है।
राष्ट्रपति ट्रंप को इन परिस्थितियों से अवगत कराया गया है और उन्होंने ईरान को चेतावनी दी है कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। खुफिया विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान की आंतरिक कमजोरी के कारण यह प्रहार करने का ‘सही वक्त’ है।
इस बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि वह अपनी संप्रभुता का सम्मान करते हुए अपनी जमीन, हवाई क्षेत्र या समुद्री सीमा का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य हमले के लिए नहीं होने देगा।
यूएई ने स्पष्ट किया है कि वह ऐसे हमलों के लिए कोई लॉजिस्टिक सहायता भी प्रदान नहीं करेगा। यह बयान तब आया जब ट्रंप ने हाल ही में एक ‘विशाल नौसैनिक बेड़े’ के खाड़ी क्षेत्र की ओर बढ़ने की बात कही थी।
यह भी पढ़ें:- बांग्लादेश का ‘काला कानून’, अब अल्पसंख्यकों और पुलिस के हत्यारों को मिलेगी रिहाई, यूनुस सरकार का बड़ा फैसला
वहीं दूसरी ओर, ईरान ने भी अमेरिका को सीधी और कड़ी चेतावनी दी है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने साफ किया है कि यदि ईरान पर किसी भी तरह का चाहे वह सीमित या सटीक ही क्यों न हो, हमला किया गया, तो उसे ‘पूर्ण युद्ध’ माना जाएगा और इसका जवाब बेहद कठोर होगा। वर्तमान में ईरान की सेना हाई अलर्ट पर है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।






