ट्रंप का बड़ा दावा: 'ईरान चाहता है समझौता', विशाल नौसैनिक बेड़े की तैनाती के बीच तेहरान ने कई बार किया फोन

Iran Talks Trump: पश्चिम एशिया में यूएसएस अब्राहम लिंकन की तैनाती के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान बातचीत के लिए बेताब है। वहीं, खुफिया रिपोर्टों के अनुसार 1979 के बाद से ईरानी शासन...
Trump makes big claim: 'Iran wants a deal', says Tehran called multiple times amid deployment of massive naval fleet.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran US Tension Latest News In Hindi: अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की आशंकाओं के माहौल में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए ईरान अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहा है।

ट्रंप के मुताबिक, इस्लामी गणराज्य ईरान ने कई बार अमेरिका से बातचीत शुरू करने के लिए फोन किया है। उन्होंने कहा कि ईरान मौजूदा तनाव को कम करना चाहता है और इसी वजह से वह समझौते की दिशा में आगे बढ़ने के प्रयास कर रहा है। ट्रंप ने यह बात एक्सियोस न्यूज वेबसाइट से बातचीत के दौरान कही।

विशाल नौसैनिक बेड़ा और युद्ध की आहट

यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी नौसेना का विशाल विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसके साथ तीन युद्धपोत पश्चिम एशिया पहुंच चुके हैं। ट्रंप ने इस बेड़े की विशालता पर जोर देते हुए कहा कि यह वेनेजुएला के पास तैनात बेड़े से भी बड़ा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप ईरान द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई हिंसक कार्रवाई के विरोध में हवाई हमलों का आदेश दे सकते हैं।

ईरानी शासन के पतन की तैयारी?

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिया है कि 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरानी सरकार की सत्ता पर पकड़ अपने सबसे कमजोर बिंदु पर है। सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने स्पष्ट किया है कि लक्ष्य केवल समझौता करना नहीं, बल्कि वहां के शासन को समाप्त करना है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के पास ईरानी सैन्य ठिकानों या सर्वोच्च नेता आयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व को निशाना बनाने जैसे विकल्प मौजूद हैं।

ईरान की जवाबी चेतावनी

तनाव के बावजूद दोनों देशों के बीच संवाद का एक पतला चैनल खुला है जिसमें ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के बीच बातचीत की खबरें हैं। हालांकि, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी विमानवाहक पोत गलती से भी ईरानी क्षेत्रीय जल में प्रवेश करता है, तो उसे तुरंत निशाना बनाया जाएगा। सर्वोच्च नेता खामेनेई ने भी अमेरिका की धमकियों को खारिज करते हुए कहा है कि 'इनमें दम नहीं है'।

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