-
शुक्र, 19 जून 2026 ई-पेपर
- Hindi News »
- World »
- Bangladesh Yunus Government Ordinance Quashing Cases Against Hindu Killers
बांग्लादेश का ‘काला कानून’, अब अल्पसंख्यकों और पुलिस के हत्यारों को मिलेगी रिहाई, यूनुस सरकार का बड़ा फैसला
- Written By: अमन उपाध्याय
Bangladesh New Ordinance: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार एक नया अध्यादेश लाई है, जिससे जुलाई-अगस्त की हिंसा के आरोपियों को रिहाई मिलेगी। इसमें अल्पसंख्यकों और हिंदुओं के हत्यारे भी शामिल हैं।

मोहम्मद यूनुस, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Bangladesh Hindu Killers Ordinance News In Hindi: पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार एक ऐसा विवादित अध्यादेश लेकर आई है जिसे कट्टरपंथियों और हत्यारों को बचाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इस नए कानून के तहत पिछले साल जुलाई-अगस्त के दौरान हुई भीषण हिंसा में शामिल आरोपियों के खिलाफ दर्ज सभी मामले रद्द कर दिए जाएंगे।
क्या है ‘जुलाई अपराइजिंग’ अध्यादेश?
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ‘जुलाई अपराइजिंग (प्रोटेक्शन ऐंड लायबिलिटी डिटर्मिनेशन) अध्यादेश 2026’ लेकर आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कानून मंत्रालय ने रविवार रात इसका गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।
इस अध्यादेश का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि इसमें न केवल प्रदर्शनकारियों बल्कि उन लोगों को भी सुरक्षा दी जा रही है जो अल्पसंख्यकों, पुलिसकर्मियों और अवामी लीग के कार्यकर्ताओं की हत्या में शामिल थे। सरकार के इस कदम के बाद जेलों में बंद कट्टरपंथियों और अपराधियों को तत्काल रिहा करने का रास्ता साफ हो गया है।
सम्बंधित ख़बरें
Meloni Daughter Viral Video: G7 समिट में छाईं इटली PM जॉर्जिया मेलोनी की बेटी, मासूमियत ने जीता दिल
US Iran Deal: सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का दावा, डोनाल्ड ट्रंप ने बेबसी में किया यह बड़ा समझौता
Panama Canal Crisis: होर्मुज का मसला सुलझा तो अब पनामा नहर पर मंडराया अल नीनो का खतरा
India US Deal आखिरी दौर में: विदेश सचिव विक्रम मिसरी का बड़ा बयान- अगले हफ्ते भारत आएगा अमेरिकी दल
अल्पसंख्यकों पर ‘मौत का तांडव’
सूत्रों और रिपोर्ट्स के अनुसार, बीते साल जुलाई-अगस्त में बांग्लादेश में भयंकर हिंसा हुई थी जिसे ‘मौत का तांडव’ कहा जा सकता है। उस दौरान पुलिस थानों को आग लगा दी गई और दर्जनों पुलिसकर्मियों को पीट-पीटकर मार डाला गया। सबसे दुखद पहलू यह था कि इस अराजकता के बीच अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को विशेष रूप से निशाना बनाया गया।
हालांकि इस घटना को बीते डेढ़ साल से अधिक का समय हो गया है, लेकिन बांग्लादेश में हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की खबरें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
संविधान और लोकतंत्र पर सवाल
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरिम सरकार का यह अध्यादेश बांग्लादेश के संविधान की मूल भावना के विपरीत है। हत्या जैसे संगीन अपराधों के आरोपियों को राजनीतिक ढाल देकर रिहा करना न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। यह सब तब हो रहा है जब बांग्लादेश में आम चुनाव होने वाले हैं और राजनीतिक माहौल पहले से ही बेहद गर्म है।
यह भी पढ़ें:- ‘ऑपरेशन आइसवर्म’ क्या था! रिसर्च की आड़ में अमेरिका ने डेनमार्क को कैसे दिया धोखा? 1997 में खुली थी पोल
भारत-बांग्लादेश संबंधों में बढ़ता तनाव
इस आंतरिक उथल-पुथल के बीच, बांग्लादेश सरकार ने भारत में शरण ले रखी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के हालिया बयानों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। शेख हसीना ने एक ऑडियो लिंक के जरिए भारत से भाषण दिया था, जिससे अंतरिम सरकार ‘स्तब्ध’ है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय का कहना है कि हसीना को भारतीय धरती से राजनीतिक टिप्पणी करने की अनुमति देना दोनों देशों के अच्छे संबंधों के मानदंडों के विपरीत है। सरकार ने हसीना के प्रत्यर्पण की मांग को भी दोहराया है।
Bangladesh yunus government ordinance quashing cases against hindu killers
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
अमरावती विधान परिषद चुनाव में 94.68% मतदान, 451 में से 427 मतदाताओं ने किया वोट
Jun 19, 2026 | 09:29 AMसोशल मीडिया पोस्ट पर कांग्रेस में घमासान, अनुशासन बनाए रखने के लिए कांग्रेस ने थमाया नोटिस
Jun 19, 2026 | 09:28 AMYoga Challenge: सुबह 10 मिनट योग या 10 मिनट मोबाइल? 30 दिन बाद दिखेंगे ये बदलाव
Jun 19, 2026 | 09:23 AMMain Vaapas Aaunga Day 7: इम्तियाज-दिलजीत की जोड़ी का चला जादू, सातवें दिन कमाई के आंकड़ों ने बढ़ाई उम्मीदें
Jun 19, 2026 | 09:22 AMविश्व सिकल सेल दिवस पर ओंकारेश्वर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी मुख्य अतिथि
Jun 19, 2026 | 09:14 AMWomen’s World Cup: टीम इंडिया की स्टार गेंदबाज श्रेयंका पाटिल टूर्नामेंट से बाहर, इस RCB स्पिनर की हुई एंट्री
Jun 19, 2026 | 09:09 AMमानसून से पहले अलर्ट: बस ऑपरेटरों को आरटीओ की सख्त हिदायत, पानी भरे पुल-पुलियों से नहीं गुजरें वाहन
Jun 19, 2026 | 09:03 AMवीडियो गैलरी

यकीन नहीं होता, लेकिन यह सच है! लद्दाख में मौजूद फोन में दिखने लगा चीन का टाइम जोन, वीडियो देख रह जाएंगे दंग
Jun 18, 2026 | 11:09 PM
गर्लफ्रेंड से बात नहीं हुई तो टावर पर चढ़ा प्रेमी, 3 घंटे तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा, देखें VIDEO
Jun 18, 2026 | 10:27 PM
सपा में होने वाली है बड़ी बगावत? ओमप्रकाश राजभर के दावे से मची हलचल, देखें VIDEO
Jun 18, 2026 | 10:18 PM
पेपर नहीं, पूरा आंसर लीक, राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रों को उत्तर पत्र मिलने पर बवाल; VIDEO वायरल
Jun 18, 2026 | 09:54 PM
मॉल नहीं, ये तो पूरा हिंदुस्तान है, महाकाल की नगरी में ₹284 करोड़ से बन रहा अनोखा PM एकता मॉल; देखें VIDEO
Jun 18, 2026 | 09:28 PM
RSS को सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं… खड़गे के बयान पर विश्वास सारंग का पलटवार, कांग्रेस की खोली पोल; देखें VIDEO
Jun 18, 2026 | 09:15 PM














