-
बुध, 5 अगस्त 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- World »
- Greenland America Secret Nuclear Project Iceworm History Trump Interest
‘ऑपरेशन आइसवर्म’ क्या था! रिसर्च की आड़ में अमेरिका ने डेनमार्क को कैसे दिया धोखा? 1997 में खुली थी पोल
- Written By: अमन उपाध्याय
Project Iceworm Greenland: शीत युद्ध के दौरान अमेरिका ने ग्रीनलैंड की बर्फ के नीचे गुप्त परमाणु ठिकाना 'प्रोजेक्ट आइसवर्म' बनाया था। अब डोनाल्ड ट्रंप इस रणनीतिक द्वीप को हासिल करने के लिए बेताब हैं।

प्रोजेक्ट आइसवर्म ग्रीनलैंड, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US Secret Nuclear Mission In Greenland: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए अपना पूरा जोर लगा रहे हैं। लेकिन क्या यह सिर्फ एक जमीन का टुकड़ा खरीदने की चाहत है, या इसके पीछे बर्फ में दफन कोई गहरा राज है? ग्रीनलैंड के ग्लेशियरों के नीचे छिपा ‘कैंप सेंचुरी’ कभी दुनिया का सबसे रहस्यमय सैन्य ठिकाना था जिसे आज ‘ऑपरेशन आइसवर्म’ के नाम से जाना जाता है।
रिसर्च की आड़ में परमाणु साजिश
यह कहानी मई 1959 में शुरू हुई, जब अमेरिकी सेना के अधिकारियों ने ग्रीनलैंड की अनंत बर्फ के नीचे एक मिलिट्री बेस बनाने की योजना तैयार की। दुनिया को बताया गया कि यह परमाणु ऊर्जा से चलने वाला एक ‘आर्कटिक रिसर्च सेंटर’ है, जहां वैज्ञानिक बर्फीले मौसम का अध्ययन करेंगे। लेकिन हकीकत में यह शीत युद्ध का एक गुप्त मिशन था।
इसका असली उद्देश्य बर्फ के नीचे 52 हजार वर्ग मील में सुरंगों का एक जाल बिछाना था, जिसमें परमाणु मिसाइलें छिपाई जा सकें। इन मिसाइलों को रेल की पटरियों पर इधर-उधर घुमाया जाना था ताकि सोवियत संघ को इनकी सही लोकेशन का पता न चले।
सम्बंधित ख़बरें
बलूच लोग 11 अगस्त को ही क्यों मनाएंगे Balochistan Independence Day? जानें पूरा इतिहास
बिलावल भुट्टो ने शहबाज को दी बड़ी चेतावनी, कहा कि आपका काउंटडाउन अब हो चुका है शुरू
भागने से काम नहीं चलेगा! पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina को प्रत्यर्पित कराने के लिए बांग्लादेश का सख्त बयान
‘इस्तीफे का पैंतरा अब नहीं चलेगा!’ सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei की राष्ट्रपति मसूद को चेतावनी
प्रकृति के आगे फेल हुआ मिशन
अमेरिका ने ग्रीनलैंड को इसलिए चुना क्योंकि यह सोवियत संघ के करीब था और इसकी मोटी बर्फ एक प्राकृतिक ढाल का काम कर रही थी। सुरंगों के भीतर बिजली, पानी और सैनिकों के रहने का पूरा इंतजाम था, जिसे चलाने के लिए एक छोटा परमाणु रिएक्टर भी लगाया गया था। हालांकि, छह साल के भीतर ही इस प्रोजेक्ट को समेटना पड़ा।
वैज्ञानिकों ने माना था कि बर्फ स्थिर रहेगी, लेकिन ग्लेशियर धीरे-धीरे खिसकने लगे। इसका परिणाम यह हुआ कि सुरंगें दबने लगीं, दीवारें टेढ़ी हो गईं और मिसाइल की पटरियां टूटने लगीं। परमाणु रिएक्टर से रेडिएशन का खतरा और डेनमार्क के साथ कूटनीतिक तनाव के डर ने अमेरिका को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
1997 में खुला राज
इस गुप्त मिशन का सच दुनिया के सामने 1997 में आया जब डेनमार्क की संसद ने जांच शुरू की। सरकारी दस्तावेजों से पता चला कि अमेरिका ने रिसर्च के नाम पर डेनमार्क को धोखे में रखकर वहां परमाणु सैन्य योजना बनाई थी।
अब ग्रीनलैंड पर ट्रंप की नजर क्यों?
आज डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को फिर से चर्चा में ले आए हैं। अब कारण परमाणु मिशन नहीं बल्कि बदलती दुनिया की जरूरतें हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण पिघलती बर्फ ने नए समुद्री व्यापारिक रास्ते खोल दिए हैं। इसके अलावा, ग्रीनलैंड में रेयर अर्थ मिनरल्स, तेल और गैस का भंडार है, जो भविष्य की तकनीक और सेना के लिए अनिवार्य है।
यह भी पढ़ें:- इमरान खान की PTI के बाद अब MQM पर गिरी गाज, PAK आर्मी ने छीनी बड़े नेताओं की सुरक्षा, क्या है बड़ी वजह?
अमेरिका को डर है कि अगर वह पीछे रहा, तो रूस और चीन इस रणनीतिक द्वीप पर कब्जा कर लेंगे, जिससे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। यहां पहले से मौजूद थुले एयर बेस मिसाइल चेतावनी और स्पेस निगरानी के लिए आज भी अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है।
Greenland america secret nuclear project iceworm history trump interest
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal: मेष को कोर्ट में सफलता, कन्या को प्रतियोगी परीक्षा में जीत, जानें सभी 12 राशियों का राशिफल
Aug 05, 2026 | 12:15 AMभोजपुरी बवाल में मचा बवाल, बीच में शो छोड़कर चले गए पवन सिंह, निरहुआ हुए भावुक, तेज प्रताप यादव भी रह गए हैरान
Aug 04, 2026 | 11:38 PMजाग गई कांग्रेस…दिल्ली में MP संगठन को लेकर हुई बैठक, 6 जिला अध्यक्षों की छुट्टी तय; इन नेताओं पर गिरेगी गाज
Aug 04, 2026 | 11:29 PMक्या आपका भी मोबाइल मेट्रो में छूट गया है? वापस पाने के लिए जरूर अपनाएं यह आसान तरीका
Aug 04, 2026 | 11:11 PMमुंबई, पुणे और नागपुर को मिलेगा रफ्तार का नया पंख, राज्य में 2.80 लाख करोड़ की मेट्रो प्रोजेक्ट पर तेजी से काम
Aug 04, 2026 | 11:01 PMकहीं आपके शरीर में भी तो नहीं है प्रोटीन की कमी? ये 5 लक्षण बताते हैं बड़ा खतरा, जानिए बचाव का तरीका
Aug 04, 2026 | 11:00 PMयह तो बस कॉमेडी है, रिहा होने के बाद बोले उदयनिधि स्टालिन; तृषा कृष्णन विवाद में गिरफ्तार हुए थे DMK नेता
Aug 04, 2026 | 10:55 PMवीडियो गैलरी

सनातन पर विवाद के बाद अब त्रिशा-विजय टिप्पणी में फंसे उदयनिधि स्टालिन, पुलिस ने उठाया; देखें VIDEO
Aug 04, 2026 | 10:40 PM
कौन हैं JPSC आंदोलन के सोनम वांगचुक? मां को खोया, 11 FIR दर्ज हुए फिर भी नहीं झुके, देखें VIDEO
Aug 04, 2026 | 09:51 PM
दतिया में BJP की हार के बाद मचा हड़कंप! अपनों के धोखे और भीतरघात से उड़े नेताओं के होश! देखें VIDEO
Aug 04, 2026 | 09:48 PM
PK की जीत के बाद BJP ऑफिस में वीणा मानवी का फोन, लड्डू बांटने की बात वायरल! देखें VIDEO
Aug 04, 2026 | 07:33 PM
POK में बगावत! ट्रंप-ईरान संकट को लेकर क्या बोले मेजर जनरल राजन कोचर? Exclusive Interview
Aug 04, 2026 | 03:17 PM
NEET आंदोलन से चमके CJP के अभिजीत दीपके पर संकट, पढ़ाई के खर्च पर उठे सवाल! देखें VIDEO
Aug 04, 2026 | 03:13 PM














