- Hindi News »
- World »
- Greenland America Secret Nuclear Project Iceworm History Trump Interest
‘ऑपरेशन आइसवर्म’ क्या था! रिसर्च की आड़ में अमेरिका ने डेनमार्क को कैसे दिया धोखा? 1997 में खुली थी पोल
Project Iceworm Greenland: शीत युद्ध के दौरान अमेरिका ने ग्रीनलैंड की बर्फ के नीचे गुप्त परमाणु ठिकाना 'प्रोजेक्ट आइसवर्म' बनाया था। अब डोनाल्ड ट्रंप इस रणनीतिक द्वीप को हासिल करने के लिए बेताब हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय

प्रोजेक्ट आइसवर्म ग्रीनलैंड, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US Secret Nuclear Mission In Greenland: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए अपना पूरा जोर लगा रहे हैं। लेकिन क्या यह सिर्फ एक जमीन का टुकड़ा खरीदने की चाहत है, या इसके पीछे बर्फ में दफन कोई गहरा राज है? ग्रीनलैंड के ग्लेशियरों के नीचे छिपा ‘कैंप सेंचुरी’ कभी दुनिया का सबसे रहस्यमय सैन्य ठिकाना था जिसे आज ‘ऑपरेशन आइसवर्म’ के नाम से जाना जाता है।
रिसर्च की आड़ में परमाणु साजिश
यह कहानी मई 1959 में शुरू हुई, जब अमेरिकी सेना के अधिकारियों ने ग्रीनलैंड की अनंत बर्फ के नीचे एक मिलिट्री बेस बनाने की योजना तैयार की। दुनिया को बताया गया कि यह परमाणु ऊर्जा से चलने वाला एक ‘आर्कटिक रिसर्च सेंटर’ है, जहां वैज्ञानिक बर्फीले मौसम का अध्ययन करेंगे। लेकिन हकीकत में यह शीत युद्ध का एक गुप्त मिशन था।
इसका असली उद्देश्य बर्फ के नीचे 52 हजार वर्ग मील में सुरंगों का एक जाल बिछाना था, जिसमें परमाणु मिसाइलें छिपाई जा सकें। इन मिसाइलों को रेल की पटरियों पर इधर-उधर घुमाया जाना था ताकि सोवियत संघ को इनकी सही लोकेशन का पता न चले।
सम्बंधित ख़बरें
पश्चिम एशिया युद्ध के बीच चीन ने ऑस्ट्रेलिया को जेट फ्यूल का निर्यात रोका, विमानन क्षेत्र के लिए बड़ा संकट
Maritime Crisis: पश्चिम एशिया के समुद्री मार्गों पर भीषण हमले, 17 जहाजों को बनाया गया निशाना, एक भारतीय की मौत
इजरायल के आयरन डोम पर भारी पड़ रहे ईरानी मिसाइल, खत्म होने की कगार पर इंटरसेप्टर, अब क्या करेंगे नेतेन्याहू?
‘खून देंगे पर जमीन नहीं’ ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने अमेरिका को दी चेतावनी
प्रकृति के आगे फेल हुआ मिशन
अमेरिका ने ग्रीनलैंड को इसलिए चुना क्योंकि यह सोवियत संघ के करीब था और इसकी मोटी बर्फ एक प्राकृतिक ढाल का काम कर रही थी। सुरंगों के भीतर बिजली, पानी और सैनिकों के रहने का पूरा इंतजाम था, जिसे चलाने के लिए एक छोटा परमाणु रिएक्टर भी लगाया गया था। हालांकि, छह साल के भीतर ही इस प्रोजेक्ट को समेटना पड़ा।
वैज्ञानिकों ने माना था कि बर्फ स्थिर रहेगी, लेकिन ग्लेशियर धीरे-धीरे खिसकने लगे। इसका परिणाम यह हुआ कि सुरंगें दबने लगीं, दीवारें टेढ़ी हो गईं और मिसाइल की पटरियां टूटने लगीं। परमाणु रिएक्टर से रेडिएशन का खतरा और डेनमार्क के साथ कूटनीतिक तनाव के डर ने अमेरिका को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
1997 में खुला राज
इस गुप्त मिशन का सच दुनिया के सामने 1997 में आया जब डेनमार्क की संसद ने जांच शुरू की। सरकारी दस्तावेजों से पता चला कि अमेरिका ने रिसर्च के नाम पर डेनमार्क को धोखे में रखकर वहां परमाणु सैन्य योजना बनाई थी।
अब ग्रीनलैंड पर ट्रंप की नजर क्यों?
आज डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को फिर से चर्चा में ले आए हैं। अब कारण परमाणु मिशन नहीं बल्कि बदलती दुनिया की जरूरतें हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण पिघलती बर्फ ने नए समुद्री व्यापारिक रास्ते खोल दिए हैं। इसके अलावा, ग्रीनलैंड में रेयर अर्थ मिनरल्स, तेल और गैस का भंडार है, जो भविष्य की तकनीक और सेना के लिए अनिवार्य है।
यह भी पढ़ें:- इमरान खान की PTI के बाद अब MQM पर गिरी गाज, PAK आर्मी ने छीनी बड़े नेताओं की सुरक्षा, क्या है बड़ी वजह?
अमेरिका को डर है कि अगर वह पीछे रहा, तो रूस और चीन इस रणनीतिक द्वीप पर कब्जा कर लेंगे, जिससे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। यहां पहले से मौजूद थुले एयर बेस मिसाइल चेतावनी और स्पेस निगरानी के लिए आज भी अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है।
Greenland america secret nuclear project iceworm history trump interest
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
National Panday Day 2026: दिन भर में 12 घंटे सिर्फ खाना! जानें पांडा की वो 7 बातें जो आपको कर देंगी हैरान
Mar 16, 2026 | 04:08 AMAaj Ka Rashifal 16 March: सोमवार को सूर्य की तरह चमकेगा इन 2 राशियों का भाग्य! जानें अपना आज का राशिफल
Mar 16, 2026 | 12:05 AMपटना में NDA की बड़ी बैठक, सम्राट चौधरी के घर विधायकों को मिली ट्रेनिंग, क्या विपक्षी खेमे में होगी सेंधमारी?
Mar 15, 2026 | 10:12 PMकुत्ते के काटने के 4 महीने बाद डॉगी की तरह भौंकने लगा लड़का, लापरवाही ने उजाड़ दी परिवार की खुशियां- VIDEO
Mar 15, 2026 | 10:06 PMकेरलम चुनाव में तीन मोर्चों के बीच दिलचस्प मुकाबला, क्या स्थानीय निकाय चुनाव तय करेंगे सत्ता का समीकरण?
Mar 15, 2026 | 10:05 PM5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान, बंगाल में दो तो असम-केरल में एक चरण में वोटिंग; देखें पूरा शेड्यूल
Mar 15, 2026 | 10:01 PMOpinion Poll: तमिलनाडु में बड़ा उलटफेर, केरल में कांटे की लड़ाई; जानें ओपिनियन पोल का एक-एक आंकड़ा
Mar 15, 2026 | 09:54 PMवीडियो गैलरी

बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद और करणी सेना के बीच आर-पार, ‘चमड़ा उतारने’ वाले बयान से मचा हड़कंप!
Mar 15, 2026 | 02:22 PM
LPG की किल्लत पर मोदी सरकार पर बरसे अखिलेश यादव, बोले- रोजगार से लेकर महंगाई तक हर मामले में फेल रही BJP
Mar 15, 2026 | 02:08 PM
सोनम वांगचुक की रिहाई को लेकर केंद्र पर भड़के सौरभ भारद्वाज, मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
Mar 15, 2026 | 01:56 PM
नवभारत ग्राउंड रिपोर्ट: नागपुर में ‘LPG गैस’ का विकल्प बना ‘इंडक्शन’! शॉर्टेज के दावों में बड़ा खुलासा- VIDEO
Mar 15, 2026 | 10:13 AM
‘गैस की कमी नहीं’ या ‘लाइनों में लाठीचार्ज’? हरदीप पुरी के दावे और विपक्ष के तीखे वार से सुलगी सियासत
Mar 14, 2026 | 02:01 PM
तरुण हत्याकांड से दहला दिल्ली: VHP-बजरंग दल का ‘प्रचंड’ प्रदर्शन, विनोद बंसल की पुलिस को दो टूक चेतावनी
Mar 14, 2026 | 01:44 PM














