उत्तर कोरिया को नजर अंदाज करने से नहीं निकलेगा हल, परमाणु हथियार मुद्दे पर करनी होगी बात

प्रममुख ने कहा कि उत्तर कोरिया ने भले ही संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है। लेकिन बावजूद हमें परमाणु हथियार मुद्दे पर उससे बातचीत जारी रखना जरूरी है।
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किम जोंग उन
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वाशिंगटन: अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध और बंदिशें लगाने के बाद भी उत्तर कोरिया का परमाणु हथियार पर काम करना जारी है। अब इस पर संयुक्त राष्ट्र संघ के परमाणु प्रमुख का बयान आया है। उन्होंने कहा कि दुनिया को यह स्वीकार करना चाहिए कि उत्तर कोरिया के पास परमाणु हथियार हैं।

प्रममुख ने कहा कि उत्तर कोरिया ने भले ही संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है। लेकिन बावजूद हमें परमाणु हथियार मुद्दे पर उससे बातचीत जारी रखना जरूरी है।

इंटरव्यू में कही ये बात

समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को रमाणु प्रमुख ने गुरुवार को एक इंटरव्यू दिया। उसमें अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने हैरानी जाहिर की। कहा कि क्या उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाने से कुछ हल हो गया या फिर हम खुद हालात को और बिगाड़ रहे हैं। जो अब हाथ से निकल सकते हैं?

उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार में विस्तार

प्रमुख ने कहा कि उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम की निंदा की जानी चाहिए। क्योंकि, यह सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करता है। लेकिन 2006 के बाद से उससे कोई बातचीत नहीं की गई। तब से ही उत्तर कोरिया वास्तव में परमाणु हथियार संपन्न देश बन गया। अब उसके परमाणु कार्यक्रम में काफी विस्तार हुआ है।

खोलने होंगे बातचीत के दरवाजे

ग्रॉसी ने कहा कि यह दोहराना बहुत जरूरी है कि उत्तर कोरिया को अपनी परमाणु हथियारों से संबंधित गतिविधियां रोकनी होंगी। लेकिन, साथ ही हमें एक-दूसरे से बातचीत जारी रखने के बारे में भी गंभीरता से सोचना होगा। उन्होंने कहा कि हमें एक्टिव होना होगा और बातचीत के लिए दरवाजे खोलने होंगे।

ग्रॉसी ने कहा कि कई सालों से मेरा सिद्धांत हमेशा यही रहा है कि जुड़ो औ बात करो। साथ ही चीजों को आजमाओ। उन्होंने कहा, उत्तर कोरिया में जो कुछ हो रहा है वह बेहद चिंताजनक है।

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