

यरूशलम: हिजबुल्ला को इसराइल से पंगा लेना भारी पड़ रहा है। अब इसराइल और अक्रमाक होते जा रहा है। साथ ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेन्याहू ने हिज्बुल्ला को तबाह करने का ठान लिया है। उन्होंने वीडियो जारी कर लेबनान के संगठन हिज्बुल्ला को संदेश भी दे दिया है।
इसराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी इसराइली सेना को पूरी ताकत के साथ हिजबुल्ला पर हमला करने को कहा है। वैसे भी लेबनान पर इसराइली हमला लगातार जारी है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, गुरुवार को हुए इसराइली हवाई हमले में कम से कम 92 लोगों की मौत हुई है।
हिजबुल्ला के यूनिट के चीफ की मौत
हिजबुल्ला ने भी बताया कि लेबनान की राजधानी बेरुत के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक इमारत पर हवाई हमला हुआ। इसमें उनके ड्रोन यूनिट के चीफ मोहम्मद सुरूर की मौत हो गई है। हालांकि भले ही नेतन्याहू इसराइली सेना के पूरी ताकत से हिज्बुल्ला के खिलाफ जंग लड़ने की बात कर रहे हैं। लेकिन, अमेरिका और उसके सयोगी देशों ने संघर्ष विराम का आग्रह किया है।
तीन हफ्ते के लिए युद्धविराम का आग्रह
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर बीते बुधवार को संयुक्त वक्तव्य जारी किया। जिसमें हालिया लड़ाई अस्वीकार्य करने की बात कही गई। यूएन देशों ने कहा कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष व्यापक रूप ले सकती है। वक्तव्य में कहा गया है हम कूटनीति को जगह देने के लिए लेबनान-इजराइल सीमा पर तत्काल 21 दिन के युद्ध विराम का आह्वान करते हैं।
युद्धविराम प्रस्ताव से इसराइल ने किया मना
हालांकि गुरुवार को इसराइल ने इस प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया था। न्यूयॉर्क में जनरल असेंबली को इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने संबोधित किया और कहा कि कहा था कि जब तक हम अपने सभी लक्ष्यों को पूरा नहीं कर लेते तब तक हम नहीं रुकेंगे।
क्या है नेतन्याहू का लक्ष्य
नेतन्याहू ने कहा कि पिछले साल अक्तूबर में हमास के हमले की वजह से देश के उत्तरी हिस्से से विस्थापित होने वाले नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी ही उनका लक्ष्य है। बता दें कि बुधवार को अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और यूरोपियन यूनियन ने तीन हफ्तो तक युद्ध विराम का प्रस्ताव दिया था।