रूस को यूक्रेनी सेना जमकर चटा रहे धूल, पुतिन ने इसे बताया बड़ी उकसावे वाली कार्रवाई

दो साल पुराने युद्ध में रूस पर सबसे बड़े यूक्रेनी हमलों में से ये एक था। इस हमले में तकरीबन 1000 यूक्रेनी सेनिकों ने 6 अगस्त की सुबह टैंको और बख्तरबंद वाहनों के साथ रूस की सीमा में घुसपैठ की। जो हवा में ड्रोन और भारी तोपखाने के झुंड से लैस थे।
Russia Ukraine War: यूक्रेन को मुंह तोड़ जवाब दे रहा रूस, 150 से ज्यादा ड्रोन मार गिराए
रूस-यूक्रेन जंग (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले दो साल से ज्यादा समय से युद्ध चल रहा है। ये युद्ध रुकने का नाम नहीं ले रही है। अभी तक कमजोर पड़ रहा है यूक्रेन अब अक्रामक फॉर्म में आ गया है। गुरुवार को यूक्रेनी सेना रूसी इलाके में अपनी सैन्य टैंकर लेकर घुस गए। दोनों देश के लड़ाकों के बीच भीषण जंग हुई।

रूस की सेना यूक्रेन के सैनिकों के सामने जूझती रही। यूक्रेन के सैनिकों ने कुर्स्क इलाके में रूस की सीमा को तोड़ दिया। यूक्रेन की सेना द्वारा रूस पर ये अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

6 अगस्त की सुबह यूक्रेनी सेना रुसी क्षेत्र में घुसे 

रूसी अधिकारियों के मुताबिक, चल रहे दो साल पुराने युद्ध में रूस पर सबसे बड़े यूक्रेनी हमलों में से ये एक था। इस हमले में तकरीबन 1000 यूक्रेनी सेनिकों ने 6 अगस्त की सुबह टैंको और बख्तरबंद वाहनों के साथ रूस की सीमा में घुसपैठ की। जो हवा में ड्रोन और भारी तोपखाने के झुंड से लैस थे। इसके अलावा सुदजा शहर के पास भीषण युद्ध की खबर है। ये रूस का ऐसा क्षेत्र है जहां से रूस की प्राकृतिक गैस यूक्रेन में प्रवाहित होती है।

रूस पर अब तक का सबसे बड़ा अटैक

सुदजा शहर में लड़ाई की वजह से यूरोप में ट्रांजिट फ्लो के अचानक बंद होने की आशंका बढ़ गई है। बता दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा फरवरी 2022 में यूक्रेन में अपनी सेना भेजे जाने के बाद करीब ढाई साल के बाद रूस को ये घुसपैठ का झटका लगा है।रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने युक्रेनी हमले को बड़ी उकसावे वाली कार्रवाई बताया। उधर रूस नेता ने इसे आतंकी हमला और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विदेशी इलाके पर अटैक कहा है।

नाटो देशों ने की यूक्रेन की मदद

बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को रोकने के लिए यूरोपीय कंट्री हर स्तर प्रयास रत हैं। पर दोनों देश मानने को तैयार नहीं है। अमेरिका ने रूस के सामने प्रस्तावा रखा। रूस ने अपनी शर्तें। उधर यूक्रेन रूस की शर्त मानने को तैयार नहीं है। यूक्रेन अपने जिद पर अड़ा है। इस युद्ध में रूस, यूक्रेन पर भारी पड़ रहा था। इसके बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लोदीमीर जेलेंस्की ने नाटो सदस्यीय कंट्री का दौरा किया और उनसे सुरक्षा समर्थन हासिल की। साथ ही सैन्य सहयोग भी मांगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com