खुद को भगवान समझने लगे ट्रंप, फिर दिया विवादित बयान, कहा- जो मन में आएगा करूंगा...

Donald Trump: ट्रंप ने वेनेजुएला पर कार्रवाई, ग्रीनलैंड पर कब्जे के विकल्प और ईरानी चेतावनी जैसी विवादास्पद कदम उठाए, कहा कि उनकी शक्ति केवल उनकी नैतिकता और निर्णय से नियंत्रित होती है।
Donald Trump on International Laws
डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Donald Trump on International Laws: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान अंतरराष्ट्रीय नजरिए से  बेहद विवादास्पद और अप्रत्याशित कदम उठाए। उन्होंने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को, उनके पत्नी सहित, रात के समय अचानक कार्रवाई के जरिए परेशान करने जैसी कार्रवाइयां कीं। इसके अलावा उन्होंने ग्रीनलैंड पर कब्जे के विकल्पों पर विचार किया और ईरानी शासन को बार-बार हस्तक्षेप की चेतावनी दी। 

एक हालिया इंटरव्यू में ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों के पालन को लेकर अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वे अमेरिका के राष्ट्रपति होने के नाते शक्तिशाली हैं और उनके फैसलों पर केवल उनकी अपनी नैतिकता और सोच ही रोक लगा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य लोगों को नुकसान पहुंचाना नहीं है।

‘मुझे किसी अंतरराष्ट्रीय कानून की परवाह नहीं’

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए, तो ट्रंप ने कहा कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि अंतरराष्ट्रीय कानून को कैसे परिभाषित किया जाता है। ट्रंप ने आगे कहा कि, मुझे किसी अंतरराष्ट्रीय कानून की परवाह नहीं है। मुझे केवल एक आदमी रोक सकता है वो मैं खुद हूं।  ग्रीनलैंड पर कब्जे के सवाल पर ट्रंप ने इसका महत्व इस तरह समझाया कि स्वामित्व मनोवैज्ञानिक रूप से सफलता और नियंत्रण का अहसास देता है, जिसे केवल लीज या संधि से प्राप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वामित्व एक देश को वास्तविक ताकत देता है, जो केवल कागज पर हस्ताक्षर करने से संभव नहीं है।

मेरे रहते ताइवान पर कब्जा मुश्किल

वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि चीन और रूस इस पर किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं देंगे। उनका तर्क था कि मादुरो के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य अमेरिका के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करना था। उन्होंने दावा किया कि मादुरो अमेरिका में ड्रग गिरोह के माध्यम से खतरा पैदा कर रहा था, जबकि चीन और रूस में ऐसी समस्याएं नहीं थीं।

ताइवान और रूस-यूक्रेन संकट को लेकर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को स्पष्ट संकेत दिया था कि ताइवान पर कब्जा करना अमेरिका के राष्ट्रपति रहते हुए स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि शी ऐसा नहीं करेंगे, भले ही भविष्य में यह किसी अन्य राष्ट्रपति के कार्यकाल में हो सकता है। 

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