इधर ईरान में हिंसक हुआ प्रदर्शन...उधर ट्रंप ने बना लिया तख्तापलट का प्लान, प्रिंस से करेंगे मुलाकात

Iran Protests 2026: ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मिलने के लिए मार-ए-लागो जाएंगे। यह यात्रा ईरान में बढ़ते सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच हो रही है।
Trump-Reza Pahlavi Meeting
ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी से मिलेंगे डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Trump-Reza Pahlavi Meeting: ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी अगले सप्ताह फ्लोरिडा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निजी आवास मार-ए-लागो में आयोजित होने वाले ‘जेरूसलम प्रेयर ब्रेकफास्ट’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। हालांकि, इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है कि इस दौरान उनकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात होगी या नहीं।  यह संभावित यात्रा ऐसे समय पर सामने आई है जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार तेज होते जा रहे हैं।  डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक इंटरव्यू में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाले इस्लामिक शासन को कड़ी चेतावनी दी। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा करती है और लोगों की हत्या शुरू करती है, तो अमेरिका की ओर से बहुत सख्त प्रतिक्रिया दी जाएगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि अगर सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।

ट्रंप ने खामेनेई को दी धमकी

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि प्रदर्शनों के दौरान हुई सभी मौतें सीधे तौर पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई का नतीजा नहीं थीं और कुछ लोग भगदड़ जैसी घटनाओं में भी मारे गए। इसके बावजूद उन्होंने साफ किया कि ईरानी नेतृत्व को चेतावनी दी जा चुकी है और हिंसा जारी रहने पर भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

ईरान में राजधानी तेहरान से लेकर कई प्रांतीय शहरों तक बड़े पैमाने पर लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारी लोकतांत्रिक सुधारों, आर्थिक राहत और दशकों से चले आ रहे सख्त इस्लामिक शासन के अंत की मांग कर रहे हैं, जिसे वे ‘मुल्ला शासन’ कहकर संबोधित करते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में हजारों लोग शासन-विरोधी नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं। कई जगहों पर ‘तानाशाह मुर्दाबाद’ और ‘मुल्लाओं को देश छोड़ना होगा’ जैसे नारे सुनाई दे रहे हैं। इसके साथ ही कुछ प्रदर्शनकारियों की ओर से रेजा पहलवी के समर्थन में ‘शाह जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए जा रहे हैं।

ईरान में क्यों हो रहे है विरोध प्रदर्शन? 

इन प्रदर्शनों को हाल के वर्षों में ईरान के सबसे बड़े सरकार-विरोधी आंदोलनों में से एक माना जा रहा है। इसमें छात्र, मजदूर और महिलाएं प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। दूसरी ओर, ईरानी सरकार ने सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी है, इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाई है और प्रदर्शनकारियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसके बावजूद आर्थिक संकट, भ्रष्टाचार, राजनीतिक दमन और व्यक्तिगत स्वतंत्रताओं पर सख्त पाबंदियों के खिलाफ लोगों का गुस्सा थमता नजर नहीं आ रहा है।

अब तक 45 लोगों की मौत

मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, देश में पिछले 12 दिनों से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं, जो ईरानी मुद्रा के डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद भड़के। ये विरोध प्रदर्शन ईरान के सभी 31 प्रांतों में 100 से अधिक शहरों और कस्बों तक फैल चुके हैं। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक अब तक कम से कम 45 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जिनमें पांच बच्चे शामिल हैं, जबकि आठ सुरक्षाकर्मियों की भी जान गई है और करीब 2270 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

कौन है रेजा पहलवी?

रेजा पहलवी ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रेजा पहलवी के बेटे हैं और 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले देश के क्राउन प्रिंस थे। क्रांति के बाद शाह को देश छोड़ना पड़ा और तभी से रेजा पहलवी निर्वासन में रह रहे हैं। वर्तमान में वह अमेरिका में रहते हैं और एक लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और स्वतंत्र ईरान की वकालत करते हैं।

हालिया प्रदर्शनों के दौरान उन्होंने खुलकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है और ईरानी जनता से शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट होकर बदलाव की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है। कई लोग उन्हें मौजूदा इस्लामिक शासन के विकल्प और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ईरान की आवाज के रूप में देख रहे हैं, भले ही सभी प्रदर्शनकारी राजशाही की वापसी के पक्ष में न हों।

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