मेरी वजह से मारा गया लादेन... नोबेल के भूखे ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- मेरी सुनते तो नहीं होता 9/11

Trump Claim Laden about 9/11 Attacks: डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने 9/11 हमलों से एक साल पहले ओसामा बिन लादेन के खतरनाक इरादों की चेतावनी दी थी, लेकिन किसी ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया।
मेरी वजह से मारा गया लादेन... नोबेल के भूखे ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- मेरी सुनते तो नहीं होता 9/11
9/11 को लेकर ट्रंप का बड़ा बयान (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद के कई बार अपने लिए नोबेल पुरस्कार की मांग कर चुके हैं। ट्रंप इसे लेकर आए दिन कोई न कोई दावा करते रहते हैं। ट्रंप ने एक बार फिर ऐसा ही दावा किया है। उन्होंने कहा कि कहा है कि उन्होंने ओसामा बिन लादेन के बारे में 9/11 हमलों से एक साल पहले ही चेतावनी दे दी थी, लेकिन किसी ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। उनके इस बयान की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है।

ट्रंप ने यह बयान उन्होंने वर्जीनिया के नॉरफाॅक शहर में अमेरिकी नौसेना की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर रविवार को अपने भाषण के दौरान दिया। ट्रंप ने कहा, मैंने ओसामा बिन लादेन नाम के व्यक्ति के बारे में पहले ही बता दिया था। मुझे वह व्यक्ति पसंद नहीं आया, और तभी मैंने सभी को उसके खतरनाक इरादों के बारे में चेतावनी दी थी। लेकिन किसी ने मेरी बात पर ध्यान नहीं दिया।

मुझे क्रेडिट मिलना चाहिए: ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी तंज भरे अंदाज में कहा कि उन्हें इस बात का क्रेडिट मिलना चाहिए, क्योंकि कोई और उन्हें यह श्रेय नहीं देगा। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां उनके समर्थक इसे ट्रंप की दूरदर्शिता बता रहे हैं, वहीं आलोचक इसे एक राजनीतिक स्टंट मान रहे हैं।

ट्रंप साल 2000 में प्रकाशित किताब अपनी The America We Deserve की बात कर रहे थे, जिसमें उन्होंने ओसामा बिन लादेन का जिक्र किया था। किताब में ट्रंप ने आतंकवाद और अमेरिकी सुरक्षा के मुद्दे को लेकर अपने विचार रखे थे और बिन लादेन को एक संभावित खतरे के रूप में उल्लेख किया था।

चेतावनी देने के कोई सबूत नहीं

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह चेतावनी किसी आधिकारिक माध्यम से अमेरिकी सरकार को दी गई थी या केवल किताब में लिखे गए विचारों तक सीमित थी। इसलिए ट्रंप के दावे की सच्चाई को लेकर अब भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल व्हाइट हाउस की ओर से इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन ट्रंप का यह दावा एक बार फिर 9/11 की त्रासदी और उस समय की खुफिया विफलताओं को लेकर बहस छेड़ रहा है।

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