न दिल्ली का दबाव, न पिंडी का प्रभाव... चुनाव से पहले तारिक रहमान का बड़ा दांव; भारत-पाक को दिया कड़ा संदेश

Bangladesh Election: बीएनपी चेयरपर्सन तारिक रहमान ने 'बांग्लादेश फर्स्ट' का नारा देकर चुनावी बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों से समान दूरी बनाने की भी बात कही है।
Neither pressure from Delhi nor influence from Pindi... Tariq Rahman's big gamble before the elections; sends a strong message to India and Pakistan.
तारिक रहमान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Bangladesh Tarique Rahman News In Hindi: बांग्लादेश में होने वाले आगामी चुनावों से पहले बीएनपी नेता तारिक रहमान ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी के लिए न तो दिल्ली महत्वपूर्ण है और न ही रावलपिंडी। रहमान ने 'बांग्लादेश फर्स्ट' का नारा बुलंद करते हुए अपनी विदेश नीति के भविष्य के संकेत दे दिए हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव देखा जा रहा है।

सिलहट में चुनावी हुंकार

बीएनपी के चेयरपर्सन तारिक रहमान ने गुरुवार को सिलहट में एक विशाल चुनावी सभा को संबोधित किया था। इस रैली के दौरान उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों को एक कड़ा कूटनीतिक संदेश देने का काम किया। उन्होंने साफ कहा कि चुनाव में उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता सिर्फ बांग्लादेश और उसकी जनता की जरूरतें हैं।

दिल्ली और पिंडी से दूरी

रहमान ने अपने भाषण में 'दिल्ली नहीं, पिंडी नहीं, बांग्लादेश सबसे पहले' का प्रभावशाली नारा जनता को दिया। उनका मतलब था कि वह किसी भी पड़ोसी देश के दबाव में आकर अपनी नीतियां नहीं बनाएंगे। भविष्य में सरकार बनने पर बीएनपी बांग्लादेश को कूटनीतिक रूप से एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में स्थापित करेगी।

कब है बांग्लादेश में चुनाव?

बांग्लादेश में आम चुनाव 12 फरवरी को होने वाले हैं जिसके लिए उम्मीदवारों को सिंबल मिल गए हैं। चुनाव प्रचार आधिकारिक तौर पर गुरुवार से शुरू हो चुका है जो आगामी 10 फरवरी तक निरंतर जारी रहेगा। तारिक रहमान ने प्रचार के पहले ही दिन सिलहट सहित कुल सात जिलों में अपनी महत्वपूर्ण बैठकें कीं।

भारत के साथ तनावपूर्ण संबंध

मई 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में कड़वाहट आई है। अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर भारत ने कई बार अपनी गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की है। हालात इतने खराब हुए कि भारत ने अपने राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने का बड़ा फैसला लिया है।

पाकिस्तान से बढ़ती नजदीकी

दूसरी तरफ यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक रिश्ते सुधरे हैं। पिछले डेढ़ दशक से बंद पड़ा सीधा व्यापार अब फिर से दोनों देशों के बीच शुरू हो चुका है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री का ढाका दौरा और वीजा नियमों में ढील इस बढ़ती दोस्ती के प्रमाण हैं।

इसके साथ ही पाकिस्तान के साथ व्यापार शुरू होने से क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरण बने हैं। पाकिस्तान नौसेना के जहाजों का बांग्लादेश आना और वीजा व्यवस्था सरल होना एक बड़े बदलाव का संकेत है। हालांकि तारिक रहमान का नया स्टैंड इन सभी बाहरी शक्तियों से खुद को स्वतंत्र रखने की कोशिश है।

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