
शबाना महमूद और कीर स्टारमर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
UK PM Keir Starmer News Hindi: ब्रिटेन की राजनीति इस समय एक बड़े ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी है। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की अपनी ही लेबर पार्टी के भीतर बढ़ती चुनौतियों और विरोध के बीच गृह मंत्री शबाना महमूद का नाम देश के अगले संभावित प्रधानमंत्री के रूप में तेजी से उभर रहा है। अगर स्टारमर इस्तीफा देते हैं या उन्हें पद से हटाया जाता है तो शबाना महमूद ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रच सकती हैं।
इस राजनीतिक अस्थिरता के पीछे की एक मुख्य वजह अमेरिका में सार्वजनिक हुई एपस्टीन फाइल्स हैं। इन फाइलों में प्रधानमंत्री कीर स्टारमर द्वारा नियुक्त राजदूत पीटर मेंडेलसन का नाम आने के बाद से कीर स्टारमर पर दबाव अत्यधिक बढ़ गया है। सूत्रों के अनुसार, लेबर पार्टी के अधिकांश सांसद स्टारमर से नाराज हैं। ब्रिटेन की संसद (हाउस ऑफ कॉमन्स) में लेबर पार्टी के पास 650 में से 404 सीटें होने के बावजूद, आंतरिक असंतोष ने नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज कर दी है।
45 वर्षीय शबाना महमूद पेशे से एक वकील (बैरिस्टर) हैं और उन्हें लेबर पार्टी की एक महत्वाकांक्षी और प्रभावशाली नेता माना जाता है। उनका जन्म 1980 में बर्मिंघम में हुआ था और उनका परिवार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मीरपुर से ताल्लुक रखता है। शबाना ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के लिंकन कॉलेज से कानून की पढ़ाई पूरी की और 2003 में बैरिस्टर बनीं।
2010 में पहली बार बर्मिंघम लेडीवुड सीट से सांसद चुनी गई शबाना ब्रिटेन की पहली तीन महिला मुस्लिम सांसदों में से एक हैं। उन्हें प्रधानमंत्री कीर स्टारमर का करीबी माना जाता रहा है लेकिन वर्तमान संकट में वे खुद प्रधानमंत्री पद की सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरी हैं।
शबाना महमूद को लेबर पार्टी के भीतर दक्षिणपंथी (राइट विंग) धड़े से जुड़ा माना जाता है। उनकी एक पहचान सख्त इमिग्रेशन नीति को लेकर भी है। गृह मंत्री के रूप में उन्होंने ब्रिटेन में स्थायी निवास के नियमों को कड़ा करने की योजना पेश की है। उनका मानना है कि ब्रिटेन में स्थायी निवास कोई अधिकार नहीं बल्कि एक विशेष सुविधा है। वे एक तरफ मुस्लिम और फिलिस्तीन समर्थकों के बीच पहुंच रखती हैं, तो दूसरी तरफ इमिग्रेशन जैसे मुद्दों पर उनकी कट्टर छवि उन्हें व्यापक समर्थन दिला सकती है।
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शबाना महमूद के प्रधानमंत्री बनने की राह में सबसे बड़ी शर्त कीर स्टारमर का इस्तीफा या उन्हें नेतृत्व की चुनौती के जरिए हटाया जाना है। इसके लिए कम से कम 81 लेबर सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होगी। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या शबाना महमूद इस ऐतिहासिक मौके को भुना पाती हैं और 10 डाउनिंग स्ट्रीट की कमान संभालने वाली पहली मुस्लिम नेता बनती हैं।






