समंदर में चीखें, फिर सन्नाटा... लिबिया के पास डूबी प्रवासियों की नाव, 53 लोगों की दर्दनाक मौत

Libya Boat Capsizes: लिबिया के पास भूमध्य सागर में प्रवासियों से भरी नाव पलटने से 53 लोगों की मौत हो गई है। इस त्रासदी में केवल दो महिलाएं जीवित बची हैं जिन्होंने अपना सब कुछ खो दिया है।
Screams in the sea, then silence... A migrant boat sinks off the coast of Libya, 53 people tragically die.
समंदर में डूबी प्रवासियों की नाव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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World News In Hindi: भूमध्य सागर एक बार फिर प्रवासियों के लिए कब्रगाह साबित हुआ है। संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी (IOM) ने सोमवार को जानकारी दी कि लिबियाई तट के पास एक नाव पलटने से 53 लोगों की मौत हो गई हैं। यह भीषण त्रासदी जुवारा के उत्तर में शुक्रवार को हुई जिसने एक बार फिर यूरोप पहुंचने की चाहत रखने वाले प्रवासियों के सामने आने वाले जानलेवा खतरों को उजागर कर दिया है।

सिर्फ दो महिलाएं बचीं

सुनाई खौफनाक दास्तां अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के अनुसार, लिबियाई अधिकारियों द्वारा चलाए गए खोज और बचाव अभियान के दौरान केवल दो नाइजीरियाई महिलाओं को बचाया जा सका। इन महिलाओं ने जो आपबीती सुनाई वह दिल दहला देने वाली है। बचाई गई एक महिला ने बताया कि उसने इस हादसे में अपने पति को खो दिया है जबकि दूसरी महिला ने रोते हुए साझा किया कि उसके दो मासूम बच्चे इस त्रासदी की भेंट चढ़ गए। IOM की टीमों ने इन दोनों उत्तरजीवियों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान की है।

आधी रात को शुरू हुआ मौत का सफर

जीवित बचे लोगों के बयानों के आधार पर, यह नाव 5 फरवरी की रात लगभग 11 बजे लिबिया के अल-जविया से रवाना हुई थी। इसमें विभिन्न अफ्रीकी देशों के प्रवासी और शरणार्थी सवार थे। यात्रा शुरू होने के लगभग छह घंटे बाद नाव में पानी भरना शुरू हो गया और वह अनियंत्रित होकर पलट गई। मध्य भूमध्यसागरीय मार्ग पर इस साल अब तक सैकड़ों प्रवासी और शरणार्थी अपनी जान गंवा चुके हैं।

खतरनाक सफर का बड़ा मुनाफा

जेनेवा स्थित एजेंसी IOM ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मानव तस्करी और तस्करी नेटवर्क उत्तरी अफ्रीका से दक्षिणी यूरोप के इस मार्ग पर प्रवासियों का शोषण कर रहे हैं। ये नेटवर्क असुरक्षित और जर्जर नावों के जरिए लोगों को खतरनाक सफर पर भेजकर मुनाफा कमाते हैं, जबकि प्रवासियों को 'गंभीर दुर्व्यवहार' और मौत के जोखिम में डाल देते हैं।

IOM ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन तस्करी नेटवर्कों से निपटने के लिए मजबूत सहयोग की अपील की है। साथ ही, एजेंसी ने सुरक्षित और नियमित प्रवासन मार्ग बनाने पर जोर दिया है ताकि भविष्य में ऐसी मौतों को रोका जा सके और मासूम जिंदगियां बचाई जा सकें।

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