
जीएम सेफ्टी अवार्ड से सम्मानित होने वाले रेलवे कर्मचारी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Western Railway GM Safety Award: भारतीय रेलवे की सुरक्षा केवल पटरियों और इंजनों पर टिकी नहीं होती, बल्कि उन जागरूक आंखों पर टिकी होती है जो हर पल खतरे को भांप लेती हैं। पश्चिम रेलवे (Western Railway) के महाप्रबंधक प्रदीप कुमार ने हाल ही में ऐसे ही 10 सजग कर्मचारियों को ‘जीएम सेफ्टी अवार्ड’ (GM Safety Award) प्रदान किया। यह सम्मान उन कर्मचारियों को दिया गया जिन्होंने अपनी सूझबूझ और तत्परता से संभावित रेल दुर्घटनाओं को टालने में सफलता प्राप्त की।
रेलवे मुख्यालय में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान, पश्चिम रेलवे के विभिन्न मंडलों के कर्मचारियों की पीठ थपथपाई गई। ‘जीएम सेफ्टी अवार्ड‘ से सम्मानित होने वाले कर्मचारी मुख्य रूप से अहमदाबाद मंडल, वडोदरा मंडल, भावनगर मंडल से हैं।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) विनीत अभिषेक के अनुसार, इन कर्मचारियों ने दिसंबर के महीने में ट्रेन संचालन के दौरान असाधारण सतर्कता दिखाई थी। अक्सर सर्दियों के मौसम में रेल की पटरियों में दरार (Rail Fracture) या तकनीकी खराबी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इन कर्मचारियों ने न केवल अपनी ड्यूटी के प्रति समर्पण दिखाया, बल्कि संभावित अप्रिय घटनाओं को समय रहते पहचान कर हजारों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
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महाप्रबंधक प्रदीप कुमार ने अवार्ड प्रदान करते हुए कहा कि सुरक्षा (Safety) रेलवे की पहली प्राथमिकता है। इन कर्मचारियों की समय पर की गई कार्रवाई यह दर्शाती है कि यदि कर्मचारी सतर्क हों, तो बड़े से बड़े हादसे को टाला जा सकता है। यह सम्मान अन्य रेलकर्मियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा ताकि वे भी अपनी ड्यूटी के दौरान ‘जीरो टॉलरेंस टू एक्सीडेंट’ की नीति का पालन करें।






