फिलीपींस में 'मौत का पहाड़' बनकर टूटा कचरा; हादसे में अब भी कई लोग लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Philippines News In Hindi: फिलीपींस के सेबू शहर में कचरे का विशाल ढेर ढहने से बड़ा हादसा हुआ है। इस घटना में अब तक 38 लोग लापता बताए जा रहे हैं जबकि एक महिला की मौत की पुष्टि हुई है।
A mountain of garbage collapsed in the Philippines, turning into a "mountain of death"; several people are still missing in the accident, and rescue operations are underway.
फिलीपींस में 'मौत का पहाड़' बनकर टूटा कचरा, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Philippines Garbage Collapse News In Hindi: फिलीपींस में कचरे का एक विशाल ढेर ढहने से एक भयानक हादसा हो गया है जिसमें वहां काम करने वाले कई लोग मलबे के नीचे दब गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार दोपहर फिलीपींस के सेबू शहर के बिनालिव गांव में स्थित एक लैंडफिल में हुई। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में अब तक एक महिला की मौत हो चुकी है, जबकि 38 लोग अभी भी लापता हैं।

बचाव अभियान और हताहतों का विवरण

क्षेत्रीय पुलिस निदेशक ब्रिगेडियर जनरल रोडरिक मारानन ने बताया कि बचाव दल ने अब तक 13 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हालांकि, बचाए गए लोगों में से एक महिला कर्मचारी ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। अन्य घायलों का उपचार अस्पताल में जारी है। सेबू के मेयर नेस्टर आर्काइवल ने बताया कि लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी क्षमता के साथ चलाया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए लापता लोगों को ढूंढने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है।

हादसे को लेकर लोगों ने क्या कहा?

इस त्रासदी में चमत्कारिक रूप से बचे 31 वर्षीय कार्यालय कर्मचारी जयलॉर्ड एंटिगुआ ने अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने बताया कि कचरे का पहाड़ इतनी अचानक ढहा कि उसने उनके पूरे ऑफिस को नष्ट कर दिया। एंटिगुआ मलबे के नीचे दब गए थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने बताया कि मैंने एक रोशनी देखी और जल्दी से उसकी ओर रेंगने लगा क्योंकि मुझे डर था कि और भूस्खलन होंगे। यह बहुत दर्दनाक था। मुझे लगा यह मेरा अंत है, इसलिए यह मेरा दूसरा जीवन है।

फिलीपींस में कचरे के ढेरों का इतिहास

फिलीपींस में इस तरह के हादसे पहली बार नहीं हुए हैं। वहां के कई शहरों में गरीब समुदाय कचरे के ढेरों के पास रहते हैं और कबाड़ या बचा हुआ खाना ढूंढने के लिए इन खतरनाक लैंडफिल पर निर्भर रहते हैं। इससे पहले जुलाई 2000 में मनीला की क्वेजोन सिटी में एक झुग्गी बस्ती के पास कचरे का टीला ढहने और उसमें आग लगने से 200 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। यह नई घटना एक बार फिर लैंडफिल क्षेत्रों में सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताओं को उजागर करती है।

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