
पाकिस्तान में पुलिस चौकी पर आतंकी हमला, फोटो (सो. एआई डिजाइन)
Pakistan News In Hindi: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (KP) प्रांत में शनिवार तड़के आतंकियों ने एक पुलिस चौकी को निशाना बनाया। इस हमले में कम से कम एक स्थानीय नागरिक की मौत हो गई जबकि दो पुलिसकर्मियों समेत तीन अन्य लोग घायल हो गए। घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और पुलिस बल पर बढ़ते हमलों को उजागर कर दिया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला रात करीब दो बजे बाजौर जिले की बरंग तहसील में स्थित एक पुलिस चौकी पर हुआ। यह इलाका पहाड़ी और दुर्गम कोही सर क्षेत्र में आता है जहां पहले भी आतंकी गतिविधियों की खबरें सामने आती रही हैं। पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक अखबार डॉन ने पुलिस और स्थानीय निवासियों के हवाले से इस हमले की पुष्टि की है।
जिला पुलिस के प्रवक्ता इसरार खान ने बताया कि मृतक की पहचान 60 वर्षीय नसीम गुल के रूप में हुई है जो स्थानीय निवासी थे। घायलों में 35 वर्षीय कांस्टेबल सुलेमान खान, 58 वर्षीय कांस्टेबल साज मोहम्मद और 28 वर्षीय साहिबजादा शामिल हैं। साहिबजादा पास के एक स्कूल में चौकीदार के तौर पर काम करते हैं। सभी घायलों को खार स्थित जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
पुलिस के अनुसार, आतंकियों ने हमले के दौरान भारी और हल्के दोनों तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया। फायरिंग की आवाजें सुनते ही इलाके में दहशत फैल गई। हमले के बाद सुरक्षा बलों और पुलिस की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र में सर्च व क्लीयरेंस ऑपरेशन शुरू किया गया ताकि हमलावरों को पकड़ा जा सके या उनके नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
यह हमला ऐसे समय पर हुआ है, जब पाकिस्तान में आतंकी हिंसा के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इस्लामाबाद स्थित पाक इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज (PIPS) के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में देशभर में आतंकी हमलों में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मौतों की संख्या में साल-दर-साल 21 प्रतिशत का इजाफा हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पाकिस्तान में कुल 699 आतंकी हमले हुए जिनमें 1,034 लोगों की जान गई और 1,366 लोग घायल हुए।
गौरतलब है कि पिछले महीने भी खैबर पख्तूनख्वा के करक जिले में पुलिस की एक मोबाइल वैन पर हमला हुआ था जिसमें कम से कम पांच पुलिसकर्मी मारे गए थे। उस घटना में हमलावरों ने पहले फायरिंग की और फिर वाहन को आग के हवाले कर दिया था। डिस्ट्रिक्ट पुलिस ऑफिसर सऊद खान के मुताबिक, मारे गए पुलिसकर्मी एक निजी गैस कंपनी की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे।
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विशेषज्ञों का मानना है कि खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे सीमावर्ती प्रांतों में पुलिस और सुरक्षा बलों को लगातार निशाना बनाया जाना पाकिस्तान के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। हालिया हमले इसी हिंसक कड़ी का हिस्सा माने जा रहे हैं।






