पाक की नई पैंतरेबाजी: Wagah Border पर भारत से होड़, बनाया 25,000 की क्षमता वाला एरिना और म्यूजियम

Pakistan New: पाकिस्तान ने वाघा बॉर्डर पर 25,000 दर्शकों की क्षमता वाला नया एरिना और म्यूजियम बनाया है। 139 मीटर ऊंचा झंडा और विभाजन थीम पार्क के जरिए उसने भारत की भव्यता की बराबरी की कोशिश की है।
Wagah Border: Pakistan Expands Arena Capacity to 25,000 to Match India's Grandeur
वाघा बॉर्डर (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Wagah Border Stadium Expansion 2026: वाघा-अटारी बॉर्डर पर होने वाली दैनिक 'बीटिंग रिट्रीट' सेरेमनी अब एक नए रंग-रूप में नजर आएगी क्योंकि पाकिस्तान ने भारत की बराबरी करने के लिए अपने बुनियादी ढांचे में बड़ा विस्तार किया है। पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने 1 जनवरी 2026 को एक भव्य नए एरिना, म्यूजियम और पार्टीशन थीम पार्क का उद्घाटन किया है।

अब तक पाकिस्तानी पवेलियन भारतीय स्टैंड के मुकाबले काफी छोटा और सीमित था, जिससे वहां कम दर्शक ही बैठ पाते थे। इस नए निर्माण का उद्देश्य न केवल पर्यटन को बढ़ावा देना है बल्कि सीमा पर अपनी सांस्कृतिक उपस्थिति को और अधिक प्रभावशाली बनाना है।

दर्शकों की क्षमता में भारी इजाफा

पाकिस्तान ने अपने साइड के स्टैंड में लोगों के बैठने की क्षमता को 7,500 से बढ़ाकर सीधे 25,000 कर दिया है। अब बीटिंग रिट्रीट के दौरान पाकिस्तानी सीमा पर भी हजारों की संख्या में दर्शक उमड़ सकेंगे और अपने सैनिकों का उत्साहवर्धन कर पाएंगे। क्षमता बढ़ने से अब दर्शकों को बैठने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी और भगदड़ जैसी स्थिति से भी राहत मिल सकेगी।

विभाजन थीम पार्क और इतिहास

नए एरिना के साथ-साथ एक विशेष थीम पार्क भी बनाया गया है जो भारत-पाकिस्तान विभाजन के दर्दनाक इतिहास और रेलवे स्टेशन के दृश्यों को दर्शाता है। यहां सैन्य उपकरणों के मॉडल और शहीदों के स्मारकों को भी स्थापित किया गया है ताकि आने वाली पीढ़ी को देश के संघर्ष की गाथा सुनाई जा सके। यह पार्क सैलानियों के लिए आकर्षण का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा जो इतिहास को करीब से देखना चाहते हैं।

विशाल म्यूजियम और ऊंचा झंडा

सीमा पर एक नया 'पाकिस्तान म्यूजियम' तैयार किया गया है जो आजादी के आंदोलन से लेकर वर्तमान तक की संस्कृति और इतिहास को प्रदर्शित करता है। इसके साथ ही पाकिस्तान ने अपने राष्ट्रीय झंडे की ऊंचाई बढ़ाकर 139 मीटर (456 फीट) कर दी है, जो दूर से ही अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है। यह कदम देश की विरासत और संप्रभुता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने के प्रयास का हिस्सा बताया जा रहा है।

अमृतसर-लाहौर सीमा का महत्व

वाघा-अटारी बॉर्डर केवल एक पर्यटन स्थल ही नहीं है, बल्कि भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार और यात्रियों की आवाजाही का मुख्य जमीनी रास्ता भी है। यह जॉइंट चेक पोस्ट कैदियों की अदला-बदली और राजनयिक संदेशों के आदान-प्रदान के लिए एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण बिंदु के रूप में काम करता है। नए एरिना के निर्माण के बाद यहां सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटन प्रबंधन को और अधिक आधुनिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

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