इजरायल-ईरान युद्ध में अचूक हथियार बना AI, US आर्मी ने 24 घंटे में 1000 से ज्यादा टारगेट पर किया सटीक हमला

Israel-Iran War: अमेरिका की सेना ने AI का उपयोग कर ईरान के खिलाफ युद्ध में तेजी से हमले किए, जिसमें मैवेन स्मार्ट सिस्टम और क्लॉड AI ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
US Army Use AI to Attack Iran
ईरान पर हमले के लिए एआई का इस्तेमाल कर रही अमेरिकी सेना (सोर्स- सोशल मीडिया)
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US Army Use AI to Attack Iran: अमेरिका की सेना ने ईरान के खिलाफ जंग की शुरुआत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया है, जो इसे युद्ध की रणनीति में निर्णायक बना रहा है। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले 24 घंटों में अमेरिका ने करीब एक हजार टारगेट्स पर हमला किया, जिनमें 900 मिसाइलें पहले 12 घंटों में ही दागी गईं।

इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के कंपाउंड पर भी हुआ हमला शामिल है, जिसमें उनकी मौत हो गई। यह युद्ध 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किया गया था। जो आठ दिन बाद भी जारी है।

मैवेन स्टार सिस्टम का महत्वपूर्ण योगदान

AI की मदद से अमेरिका की सेना ने हमले को तेजी से अंजाम दिया, जिससे ईरान को प्रतिक्रिया देने का समय नहीं मिला। इस ऑपरेशन में मैवेन स्टार सिस्टम (Maven Smart System) का महत्वपूर्ण योगदान था, जो अमेरिकी कंपनी पैलेंटीर टेक्नोलॉजी द्वारा विकसित किया गया है। यह एक अत्याधुनिक डेटा प्रोसेसिंग प्लेटफॉर्म है, जो सैटेलाइट और निगरानी प्रणाली से प्राप्त खुफिया जानकारी को रीयल-टाइम में प्रोसेस करता है और कमांडरों को टारगेट्स देता है। यह सिस्टम लक्ष्यों की प्राथमिकता भी तय करता है, जिससे हमलों में सटीकता बढ़ी है।

क्या है मैवेन स्टार सिस्टम?

इसके अलावा, मैवेन प्लेटफॉर्म में एंथ्रोपिक कंपनी का जेनरेटिव AI मॉडल, क्लॉड (Claude) भी शामिल है। यह AI मॉडल खुफिया जानकारी का विश्लेषण करता है, लक्ष्यों को पहचानता है और उन्हें रणनीतिक महत्व के आधार पर रैंक करता है। हमलों के बाद, क्लॉड AI हमलों के प्रभाव का आकलन करता है, जिससे कमांडर जल्दी से अपनी रणनीति बदल सकते हैं। यह सहयोग एंथ्रोपिक और पैलेंटीर के बीच हुआ है, और अमेरिकी सेना के लिए यह एक गेम-चेंजिंग तकनीक बन चुकी है।

अमेरिकी सेना में AI का इस्तेमाल बढ़ा

अब अमेरिकी सेना में AI का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, मई 2025 तक 20,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक इस प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे थे, जो सैटेलाइट और निगरानी से प्राप्त डेटा को तेजी से प्रोसेस करते हैं। AI पर इतनी निर्भरता बढ़ चुकी है कि यदि एंथ्रोपिक के CEO डेरियो अमोडी इसे रोकने की कोशिश करें, तो भी अमेरिकी सरकार इसे जारी रख सकती है। AI की भूमिका युद्ध की रणनीतियों में भविष्य में और भी बढ़ने की संभावना है।

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