मिडिल ईस्ट में आग भड़काने को तैयार पाकिस्तान! अमेरिका को दिया एयरबेस और पोर्ट? गुपचुप डील से मचा हड़कंप

पाकिस्तान के एक सांसद ने अपने ही देश पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार ने ईरान पर संभावित हमले के लिए अमेरिका को दो एयरबेस और एक बंदरगाह इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। इस दावे के सामने आने के बाद पाकिस्तान की...
मिडिल ईस्ट में आग भड़काने को तैयार पाकिस्तान! अमेरिका को दिया एयरबेस और पोर्ट? गुपचुप डील से मचा हड़कंप
पाक अमेरिका की गुपचुप डील, फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
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इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ एक समझौता किया है, जिसमें उसने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए अपने एयरबेस और बंदरगाह (पोर्ट) अमेरिका को उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है। यह खबर सामने आते ही पाकिस्तान की राष्ट्रीय असेंबली में तीखी बहस छिड़ गई है।

एक पाकिस्तानी सांसद ने आरोप लगाया है कि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के बीच हुई गुप्त वार्ता में यह समझौता हुआ है। इसके तहत पाकिस्तान अपने सैन्य अड्डे और बंदरगाह अमेरिका को ईरान के विरुद्ध इस्तेमाल करने की अनुमति देगा। इस खुलासे से पाकिस्तान की राजनीति में हलचल मच गई है।

ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई

पाकिस्तानी सीनेटर साहिबजादा हामिद रजा ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि पाकिस्तान अमेरिका और इजरायल को अपने एयरबेस और बंदरगाह इस्तेमाल करने की अनुमति दे रहा है, ताकि वे ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकें। उन्होंने दावा किया कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। इससे पाकिस्तान की संप्रभुता और विदेश नीति पर सवाल उठ रहे हैं।

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हामिद रजा ने सीधे तौर पर पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया, "आप (जनरल मुनीर और पाकिस्तान सरकार) अमेरिका और इजरायल को ईरान के विरुद्ध इस्तेमाल करने के लिए पाकिस्तान के हवाई अड्डे और बंदरगाह सौंप रहे हैं। आपके परिवारों के विदेशों में प्रॉपर्टी और बैंक खाते हैं। अगर पाकिस्तान पर कोई संकट आया, तो आप भी पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ की तरह देश छोड़कर भाग जाएंगे।"

शहबाज शरीफ पर उठा सवाल

पाकिस्तान की वर्तमान स्थिति पर सवाल उठते हुए, साहिबजादा हामिद रजा ने संसद में एक बहस छेड़ दी है। हाल ही में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के साथ संबंध मजबूत करने के लिए तेहरान की यात्रा की थी और उन्हें "भाई" बताते हुए हर संकट में साथ देने का वादा किया था। लेकिन अब पाकिस्तान के रुख पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या वह अपने इसी मित्र देश के विरुद्ध कार्रवाई कर रहा है?

इस मामले ने पाकिस्तान की सुरक्षा और विदेश नीति को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। हामिद रज़ा ने मुस्लिम देशों से आह्वान किया कि वे संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत इज़राइल के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ाएं। उनका यह बयान पाकिस्तान की कूटनीतिक प्राथमिकताओं पर नए सिरे से बहस छेड़ने वाला साबित हो रहा है।

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