
निपाह वायरस, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Nipah Virus Latest News In Hindi: पड़ोसी देश बांग्लादेश में घातक निपाह वायरस ने एक बार फिर अपना खौफनाक चेहरा दिखाया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को पुष्टि की है कि उत्तरी बांग्लादेश में इस संक्रमण के कारण एक महिला की मौत हो गई है।
इस घटना ने न केवल बांग्लादेश बल्कि भारत सहित पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया में चिंता की लहर पैदा कर दी है। हाल ही में भारत में भी निपाह के मामले सामने आए थे जिसके बाद कई देशों ने एयरपोर्ट्स पर स्क्रीनिंग प्रक्रिया को सख्त कर दिया है।
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, मृतक महिला की उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच थी। जांच में सामने आया है कि इस महिला ने कच्चा खजूर का रस पिया था जिसे निपाह वायरस के संक्रमण का मुख्य स्रोत माना जाता है। दरअसल, संक्रमित फल खाने वाले चमगादड़ अक्सर खजूर के रस को दूषित कर देते हैं। महिला को 21 जनवरी को बुखार और सिरदर्द जैसे शुरुआती लक्षण महसूस हुए थे जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ती गई।
निपाह वायरस कितना खतरनाक है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि संक्रमित होने वाले मरीजों में इसकी मृत्यु दर 75% तक हो सकती है। पीड़ित महिला में बुखार और सिरदर्द के साथ-साथ लार गिरना, मानसिक भ्रम और दौरे पड़ने जैसे गंभीर लक्षण देखे गए थे। लक्षणों के शुरू होने के एक सप्ताह के भीतर ही उसकी मौत हो गई और मृत्यु के अगले दिन उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। राहत की बात यह है कि महिला के संपर्क में आए सभी 35 लोगों की जांच की गई और वे फिलहाल नेगेटिव पाए गए हैं।
भारत के पश्चिम बंगाल में निपाह के मामले मिलने के बाद पड़ोसी देशों ने चौकसी बढ़ा दी है। मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया और पाकिस्तान जैसे देशों ने अपने हवाई अड्डों पर यात्रियों की तापमान स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने वर्तमान जानकारी के आधार पर अभी तक किसी भी यात्रा या व्यापार प्रतिबंध की सिफारिश नहीं की है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके फैलने का जोखिम कम बताया है।
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चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि निपाह संक्रमण के लिए वर्तमान में कोई भी लाइसेंस प्राप्त दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। साल 2025 में भी बांग्लादेश में प्रयोगशाला द्वारा पुष्ट किए गए चार घातक मामले सामने आए थे। यह वायरस संक्रमित जानवरों (जैसे चमगादड़ या सूअर) या उनके द्वारा दूषित भोजन से फैलता है।
हालांकि यह इंसानों के बीच आसानी से नहीं फैलता लेकिन सावधानी ही इससे बचाव का एकमात्र रास्ता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे पेड़ों से गिरे हुए फल न खाएं और खजूर के रस का सेवन करने से बचें।






