20 मौतें, 300 घायल... हिंसक प्रदर्शन के बाद नेपाल सरकार का बड़ा यू-टर्न, सोशल मीडिया से हटाया बैन

Kathmandu Protests: नेपाल सरकार ने सोमवार को तीन दिन पहले लगाए गए सोशल मीडिया प्रतिबंध को हटा दिया। युवाओं के नेतृत्व में हुए हिंसक प्रदर्शन अब तक 20 लोगों की जान ले चुके हैं और 300 से अधिक लोग घायल..
20 मौतें, 300 घायल... हिंसक प्रदर्शन के बाद नेपाल सरकार का बड़ा यू-टर्न, सोशल मीडिया से हटाया बैन
हिंसक प्रदर्शन के बाद नेपाल सरकार ने सोशल मीडिया से हटाया बैन, (डिजाइन फोटो)
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Nepal Protest: नेपाल सरकार ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाया गया बैन हटा लिया। यह फैसला उस समय लिया गया है जब युवाओं के उग्र प्रदर्शनों में कम से कम 20 लोगों की जान जा चुकी है और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

कैबिनेट की आपात बैठक के बाद नेपाल के संचार, सूचना और प्रसारण मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरूंग ने घोषणा की कि सोशल मीडिया पर लगाया गया प्रतिबंध अब वापस ले लिया गया है।

प्रदर्शनकारियों की मांग हुई पूरी

गुरूंग ने बताया कि सूचना मंत्रालय ने संबंधित एजेंसियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दे दिया है। यह कदम दरअसल उन ‘Gen Z’ युवाओं की मांग पर उठाया गया है, जिन्होंने राजधानी काठमांडू में संसद भवन के सामने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रधानमंत्री ओली ने कहा कि इस घटना की वजह सरकार की पहल और जेड पीढ़ी के बीच बढ़ती दूरी रही। उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने और संवाद के माध्यम से हल खोजने की अपील की। साथ ही, प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच तनाव घटाने के लिए सुरक्षा बलों को सतर्क रहने के निर्देश भी दिए गए।ट

सेना हुई तैनात

काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, दमक में प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के घर पर पत्थरबाजी की। गुस्से से भरे प्रदर्शनकारियों ने ईस्ट-वेस्ट हाइवे को टायर जलाकर जाम कर दिया। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस को चेतावनी स्वरूप हवाई फायरिंग करनी पड़ी। मौके पर सेना की तैनाती कर दी गई है और सुरक्षाबलों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं।

गृहमंत्री ने दिया इस्तीफा

नेपाल पुलिस प्रवक्ता बिनोद घिमिरे ने जानकारी देते हुए बताया कि काठमांडू में हुई झड़पों में 17 और सुनसरी जिले में पुलिस की गोलीबारी में 2 लोगों की जान गई। हिंसक विरोध प्रदर्शन पोखरा, बुटवल, भरतपुर, इटहरी और दमक तक फैल गए। नेपाली कांग्रेस पार्टी से जुड़े गृहमंत्री रमेश लेखक ने इन घातक झड़पों के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उन्होंने यह इस्तीफा प्रधानमंत्री ओली को प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान सौंपा।

गौरतलब है कि तीन दिन पहले नेपाल सरकार ने 26 सोशल मीडिया साइट्स जिनमें फेसबुक और एक्स भी शामिल थे पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार का कहना था कि ये प्लेटफॉर्म नेपाल में पंजीकरण कराने में असफल रहे थे।

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