

Lashkar New Launch Pad in PoK: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादियों के लिए फिर से लॉन्च पैड बना रहा है। ये लॉन्च पैड्स आतंकवादियों द्वारा भारत में घुसपैठ करने से पहले इस्तेमाल किए जाते हैं, जहां वे अपनी आखिरी तैयारियां करते हैं। भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत इन लॉन्च पैड्स को तबाह कर दिया था, लेकिन अब लश्कर ने फिर से इन्हें बनाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं।
लश्कर PoK के रावलकोट इलाके के खैगला में एक इमारत बना रहा है। यह इमारत लश्कर के आतंकवादियों के लिए लॉन्च पैड और शेल्टर के रूप में इस्तेमाल की जाएगी। लश्कर इसे मस्जिद बताने की कोशिश कर रहा है, लेकिन लश्कर के प्रवक्ता आमिर जिया ने गलती से इसे मरकज (केंद्र) कहा, जिससे उसकी असली मंशा का पता चलता है। यह केंद्र आतंकवादियों को छिपाने और सुरक्षित रखने के लिए बनाया जा रहा है।
पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह दावा करता है कि उसने आतंकवाद का रास्ता छोड़ दिया है, लेकिन असलियत यह है कि वहां आतंकवादी संगठन अब भी फल-फूल रहे हैं। हाल ही में पाकिस्तान के बहावलपुर शहर में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद की एक बड़ी बैठक हुई थी। इस बैठक में लश्कर के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी और जैश के कई प्रमुख कमांडर शामिल थे।
इससे यह साबित होता है कि पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों को खुली छूट मिली हुई है और उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों के नौ ठिकानों पर हमला किया था। इस ऑपरेशन के बाद यह उम्मीद की गई थी कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कदम उठाएगा, लेकिन पाकिस्तान अपनी पुरानी रणनीति पर ही कायम है।
लश्कर और जैश जैसे संगठन अब भी अपनी गतिविधियों को बढ़ा रहे हैं और पाकिस्तान में सुरक्षित पनाहगाह बना रहे हैं। इन घटनाओं से यह स्पष्ट हो जाता है कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और दुनिया के सामने यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि वह आतंकवाद से लड़ा है, जबकि असलियत में वह इन्हें अपनी सीमाओं में पनाह दे रहा है।