सिर्फ हाथ मिलाने नहीं आते पुतिन...रूस ने फिर दिखाई ताकत, मीटिंग रद्द होने पर ट्रंप को दिया करार जवाब

Trump Putin Meeting Cancellation: क्रेमलिन ने ट्रंप के पुतिन से मुलाकात रद्द करने को गलत बताया। पेसकोव ने कहा कि पुतिन केवल महत्वपूर्ण बैठकें ही करते हैं, समय का सही उपयोग करना जरूरी है।
सिर्फ हाथ मिलाने नहीं आते पुतिन...रूस ने फिर दिखाई ताकत, मीटिंग रद्द होने पर ट्रंप को दिया करार जवाब
व्लादिमीर पुतिन, डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Kremlin Response to US Sanctions: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अपनी आगामी बैठक को रद्द कर दिया, जिसके बाद क्रेमलिन ने रविवार को इसे लेकर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे गलत फैसला बताया। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन केवल मिलने के लिए नहीं मिलते; वे अपना समय व्यर्थ नहीं करना चाहते।

उन्होंने कहा, राष्ट्रपति को केवल बैठक के लिए नहीं मिलना चाहिए, उन्हें अपने समय का सही इस्तेमाल करना चाहिए। इसीलिए उन्होंने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत के लिए प्रक्रिया तैयार करने को कहा है। पेसकोव ने यह भी बताया कि यह प्रक्रिया जटिल है और इस पर काम किया जा रहा है।

रूसी तेल कंपनियों पर अमेरिकी बैन

इसके बाद, जब ट्रंप ने रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों पर बैन लगाए, तो क्रेमलिन ने इसे अनैतिक कदम कहा। पेसकोव ने कहा, रूस, अमेरिका सहित सभी देशों के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है, लेकिन हालिया फैसले से हमारी उम्मीदों को नुकसान पहुँचा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि रूस को अपने हितों को प्राथमिकता देते हुए अच्छे रिश्तों की उम्मीदें छोड़नी नहीं चाहिए। यह प्रतिबंध ओपन जॉइंट स्टॉक कंपनी रोसनेफ्ट और लुकोइल OAO (Lukoil) पर लगाया गया। ट्रंप प्रशासन ने यह कदम तब उठाया जब अमेरिका ने महसूस किया कि पुतिन यूक्रेन संकट पर ईमानदारी से बातचीत नहीं कर रहे थे। इन प्रतिबंधों के कारण तेल की कीमतें दुनिया भर में बढ़ गईं, और रूस के तेल खरीदार नए विकल्प तलाशने लगे।

नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी

इसके अलावा, ट्रंप प्रशासन ने रूस की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर नए प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इन प्रतिबंधों का मकसद रूस के बैंकिंग सिस्टम और तेल निर्यात के बुनियादी ढांचे को लक्षित करना हो सकता है, अगर पुतिन यूक्रेन में रूस की सैन्य कार्रवाई को जल्दी समाप्त नहीं करते हैं।

जानकारी के मुताबिक, यूक्रेनी अधिकारियों ने अमेरिका से और कड़े कदम उठाने की मांग की है, जिनमें सभी रूसी बैंकों को डॉलर-आधारित प्रणाली से काटने की भी बात की जा रही है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन प्रस्तावों पर कितना विचार किया जा रहा है।

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