
इजरायली हमलों से गाजा में मचा हाहाकार, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Israel Gaza Attack: गाजा पट्टी में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। गुरुवार तड़के इजरायली सेना द्वारा किए गए नए हवाई हमलों में कम से कम 33 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जिससे मानवीय संकट और गंभीर होता जा रहा है। यह ताजा हिंसा ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में करीब एक माह से युद्धविराम लागू है, हालांकि फिर भी छिटपुट हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।
सबसे घातक हमला दक्षिणी गाजा के शहर खान यूनिस के पास हुआ, जहां विस्थापित लोगों के तंबुओं को निशाना बनाते हुए चार अलग-अलग हवाई हमले किए गए। खान यूनिस के नासेर अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि मलबे से 17 शव बरामद किए गए, जिनमें पांच महिलाएं और पांच बच्चे शामिल थे। स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार, कई घायलों की हालत गंभीर है, जिससे मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है।
दूसरी तरफ, गाजा सिटी में दो और हवाई हमलों ने बड़ी तबाही मचाई। शहर के उत्तरी हिस्से में स्थित अल-शिफा अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि एक आवासीय इमारत पर हुए हमले में 16 लोगों की मौत हुई। मरने वालों में सात बच्चे और तीन महिलाएं शामिल हैं। अस्पताल के अनुसार, कई घायलों को गंभीर चोटों के साथ भर्ती कराया गया है।
इजरायल ने इन हमलों को “जवाबी कार्रवाई” बताया है। बुधवार को इजरायल ने दावा किया था कि खान यूनिस में उसके सैनिकों पर गोलीबारी हुई। हालांकि, उसने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना में कोई सैनिक नहीं मारा गया। जवाब में इन हवाई हमलों को अंजाम दिया गया।
वहीं, हमास ने इजरायली दावे को खारिज करते हुए इसे “चौंकाने वाला नरसंहार” बताया है। समूह ने अपने बयान में कहा कि उसने इज़रायली सैनिकों पर कोई गोलीबारी नहीं की और इज़रायल जानबूझकर नागरिकों को निशाना बना रहा है।
स्थिति को और जटिल बनाता है यह तथ्य कि मृतकों में कई लोग वे हैं जो उस रेखा के दोनों ओर से आते हैं, जो पिछले महीने हुए युद्धविराम के बाद बनाई गई थी। यह अस्थायी सीमा गाजा को दो हिस्सों में बांटती है सीमा के पास का क्षेत्र इजरायली नियंत्रण में है, जबकि आगे का इलाका “सुरक्षित क्षेत्र” माना जाता है। बावजूद इसके, वहां भी नागरिक हमलों की चपेट में आ रहे हैं।
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गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि युद्धविराम लागू होने के बाद से हमलों में कमी जरूर आई है, लेकिन पूरी तरह रोक नहीं लगी। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यदि हिंसा जारी रही तो मानवीय संकट अभूतपूर्व रूप ले सकता है।






