ईरान-अमेरिका तनाव: 'जंग से भी नहीं गिरेगी तेहरान की सत्ता', तुर्की ने अमेरिका को क्यों दी बड़ी चेतावनी?

Iran US Tension News: तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने अमेरिका को आगाह किया है कि एयरस्ट्राइक या युद्ध से ईरान में तख्तापलट मुमकिन नहीं है। उन्होंने ईरान की शासन प्रणाली को बेहद मजबूत बताया है।
Iran-US tension: 'Tehran's power will not fall even through war', why did Turkey give a big warning to America?
तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran US  Latest News In Hindi: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच तुर्की ने अमेरिका को एक बड़ी और सख्त चेतावनी दी है। तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर अमेरिका को लगता है कि वह हवाई हमलों या सीधे युद्ध के जरिए ईरान की सत्ता बदल सकता है तो यह उसकी 'कोरी कल्पना' मात्र है।

फिदान के अनुसार, युद्ध से ईरान की सरकार को कुछ समय के लिए कमजोर जरूर किया जा सकता है लेकिन वहां तख्तापलट करना या शासन को पूरी तरह उखाड़ फेंकना संभव नहीं है।

शासन का ढांचा है असली ताकत

सीएनएन तुर्की को दिए एक विशेष इंटरव्यू में हकान फिदान ने ईरान की उस 'छुपी हुई ताकत' का जिक्र किया जिसे पश्चिमी देश अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। उन्होंने बताया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन इतना आसान क्यों नहीं है:

राजशाही का अभाव: अरब के कई देशों के विपरीत ईरान में राजशाही परंपरा नहीं है। वहां का शासन ढांचा काफी मजबूत है।

सुप्रीम लीडर की भूमिका: फिदान के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर मुख्य रूप से धार्मिक मामलों के संरक्षक हैं न कि सीधे शासन चलाने वाले। इसी कारण, वहां की जनता के बीच सुप्रीम लीडर को लेकर कोई व्यापक नाराजगी नहीं है, जो किसी भी आंतरिक विद्रोह के लिए जरूरी होती है।

मजबूत सरकारी स्ट्रक्चर: ईरान के लोगों को मारकर या डराकर वहां की सरकार नहीं बदली जा सकती क्योंकि वहां का प्रशासनिक ढांचा बहुत गहरी जड़ों वाला है।

परमाणु हथियारों पर बड़ा दावा

इस इंटरव्यू के दौरान हकान फिदान ने एक और चौंकाने वाला दावा किया। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) में गवर्नर रह चुके फिदान ने कहा कि उनके पास ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में ईरान कोई घातक हथियार नहीं विकसित कर रहा है।

तुर्की नहीं देगा अमेरिका का साथ

तुर्की ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी युद्ध की स्थिति में अमेरिका की मदद नहीं करेगा। फिदान ने कहा कि ईरान की नीतियां खराब हो सकती हैं और वहां के लोग आर्थिक रूप से परेशान भी हो सकते हैं लेकिन यह उनका आंतरिक मामला है। उन्होंने तर्क दिया कि दुनिया के कई देशों में लोग परेशान हैं लेकिन अमेरिका वहां हस्तक्षेप नहीं करता।

राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन खुद इस मामले में सक्रिय हैं और शांति वार्ता को बढ़ावा दे रहे हैं। तुर्की का मानना है कि मिडिल ईस्ट अब एक और विनाशकारी युद्ध झेलने की स्थिति में नहीं है और कोई भी पड़ोसी देश ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का समर्थन नहीं करेगा।

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