वर्धा: सेलू तहसील में चने की फसल पर 'मर रोग' का हमला; कृषि विशेषज्ञों ने किया निरीक्षण, दिए बचाव के उपाय

Wardha Agriculture News; सेलू तहसील में चने की फसल पर 'मर रोग' के प्रकोप से किसान चिंतित। सेलसुरा कृषि केंद्र के वैज्ञानिकों ने खेतों का दौरा कर रोग नियंत्रण और फफूंदनाशक छिड़काव का मार्गदर्शन दिया।
'Mar disease' attacks chickpea crops in Selu tehsil; agricultural experts inspected and suggested preventive measures Wardha
सेलू तहसील में चने की फसल पर 'मर रोग' का हमला कृषि विशेषज्ञों ने किया निरीक्षण, दिए बचाव के उपाय (सोर्सः नवभारत)
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Wardha Agriculture Disease Outbreak News: सेलू तहसील के सुकळी स्टेशन क्षेत्र में चने की फसल पर ‘मर रोग’ का प्रकोप बड़े पैमाने पर देखने को मिल रहा है। अचानक फसलें मुरझाने और सूखने लगी हैं, जिससे किसानों में चिंता और असमंजस का माहौल बन गया है। कई खेतों में खड़ी फसल नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, सेलसुरा के वैज्ञानिकों की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरान कृषि वैज्ञानिक डॉ. जीवन कातोरे एवं डॉ. वजीरे ने सुकळी स्टेशन क्षेत्र में किसानों के खेतों में जाकर चने की फसलों का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान गजानन कुंभलकर, महादेव सोनटक्के, योगेश जाधव सहित अन्य किसानों के खेतों की जांच की गई। इस अवसर पर सरपंच प्रमोद तडस एवं निलेश भालेराव भी उपस्थित थे।

कृषि विशेषज्ञों ने निरीक्षण के दौरान बताया कि बीते 8 से 10 दिनों से सेलू तहसील में चने की फसल पर ‘मर रोग’ का प्रकोप तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही कई खेतों में जड़ सड़न और तना सड़न जैसे रोगों के लक्षण भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। इन रोगों के कारण पौधों की जड़ें कमजोर होकर सड़ने लगती हैं, जिससे पूरी फसल सूख जाती है।

रोगथाम के लिए किसानों को दी गई विस्तृत जानकारी

कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को रोग प्रबंधन और रोकथाम के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने उपयुक्त फफूंदनाशक दवाओं के छिड़काव, खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था, संक्रमित पौधों को हटाने तथा स्वच्छ और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी। साथ ही किसानों को भविष्य में बीजोपचार, फसल चक्र और संतुलित उर्वरक उपयोग पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया।

इस मार्गदर्शन कार्यक्रम के दौरान उप कृषि अधिकारी विशाल बिरे, सहायक कृषि अधिकारी रूपनार एवं वानखेडे, सुकळी के सरपंच योगेश जाधव, उपसरपंच प्रमोद तडस सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। किसानों ने कृषि विभाग से समय पर मदद मिलने पर संतोष व्यक्त किया और वैज्ञानिकों द्वारा दिए गए सुझावों को अमल में लाने का भरोसा जताया।

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