
Rohit Pawar Press Conference on Ajit Pawar Death (फोटो क्रेडिट-X)
Rohit Pawar Press Conference: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने विशेष रूप से ‘VSR’ कंपनी के कामकाज और उससे जुड़े विमान हादसों का डेटा प्रस्तुत करते हुए सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। पवार ने साक्ष्यों के साथ दावा किया कि विमानों के रखरखाव और पायलटों के चयन में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं, जो यात्रियों की जान जोखिम में डाल रही हैं।
रोहित पवार ने अपनी प्रस्तुति में मुंबई में 2023 में हुए Learjet 45XR विमान हादसे का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारी बारिश और कम विजिबिलिटी के बावजूद विमान को उतरने की अनुमति दी गई, जिससे वह रनवे पर फिसल गया। उन्होंने सवाल किया कि इस हादसे की विस्तृत रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई और संबंधित कंपनी पर कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इसके साथ ही उन्होंने पायलटों के अचानक बदले जाने और उनके कार्य घंटों (FDTL) में हेरफेर करने के दस्तावेजी सबूत भी पेश किए।
लाईव्ह |📍मुंबई | पत्रकारांशी संवाद |🗓️10-02-2026 https://t.co/9XAKinUZZx — Rohit Pawar (@RRPSpeaks) February 10, 2026
पवार ने बताया कि यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) ने सुरक्षा कारणों से इस कंपनी का TCO (थर्ड कंट्री ऑपरेटर) लाइसेंस निलंबित कर दिया है। EASA ने इसे ‘Level-1’ की त्रुटि माना है, जो सुरक्षा मानकों का सबसे गंभीर उल्लंघन है। इसके बावजूद भारत में इस कंपनी को बेरोकटोक संचालन की अनुमति कैसे दी जा रही है, यह एक बड़ा प्रश्न है।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पवार ने ‘Stall Warning System’ के न होने और ‘Cockpit Voice Recorder’ (CVR) के बार-बार बंद होने जैसे तकनीकी मुद्दों को उजागर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी लागत कम करने के लिए रखरखाव (Maintenance) और सुरक्षा जांच में कटौती कर रही है। विमान के ‘Techlog’ और ‘Airworthy Report’ में भी विसंगतियां पाई गई हैं।
रोहित पवार ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने क्लियरेंस इंजीनियर, क्वालिटी इंजीनियर और मेंटेनेंस इंजीनियर की भूमिका की जांच करने और कंपनी के मालिकों के खिलाफ ‘सदोष मनुष्यवध’ (Culpable Homicide) का मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने सरकार से पूछा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद राज्य सरकार इस पर चुप क्यों है?






