
शहबाज शरीफ का एआई प्लान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Pakistan AI investment 2030 News Hindi: आर्थिक बदहाली और विदेशी कर्ज के बोझ तले दबे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश के भविष्य को लेकर एक ऐसी घोषणा की है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। जहां एक ओर पाकिस्तान अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के सामने हाथ फैला रहा है वहीं दूसरी ओर पीएम शरीफ ने 2030 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में 1 बिलियन यूएस डॉलर (करीब 1 अरब डॉलर) के भारी-भरकम निवेश का रोडमैप पेश किया है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने यह घोषणा 9 से 15 फरवरी तक चलने वाले ‘इंडस AI वीक 2026’ के भव्य उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस निवेश का प्राथमिक लक्ष्य देश के भीतर एक मजबूत ‘AI-इकोसिस्टम’ तैयार करना है जिससे पाकिस्तान वैश्विक तकनीक की दौड़ में पिछड़ने के बजाय दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सके। पीएम का मानना है कि यह आयोजन देश के टेक्नोलॉजी लैंडस्केप के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा।
शरीफ सरकार का मुख्य ध्यान पाकिस्तान की उस युवा आबादी पर है जो देश की कुल जनसंख्या का लगभग 60 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें साधारण IT टेक्नीशियन के स्तर से ऊपर उठाकर उच्च स्तर का AI एक्सपर्ट बनाने के लिए विशेष प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे।
इसी कड़ी में, प्रधानमंत्री ने 2030 तक देशभर के मेधावी छात्रों के लिए 1,000 पूरी तरह से फंडेड PhD स्कॉलरशिप देने का भी ऐलान किया। इसका उद्देश्य पाकिस्तान को वर्ल्ड-क्लास रिसर्च सेंटर और पूरी कार्यक्षमता वाले तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करना है।
करिकुलम शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल बदलाव का संकेत देते हुए पीएम ने कहा कि AI का करिकुलम न केवल संघीय सरकार द्वारा संचालित स्कूलों में शुरू होगा बल्कि इसे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और बलूचिस्तान के दूरदराज के क्षेत्रों के स्कूलों में भी लागू किया जाएगा।
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इसके अतिरिक्त, सरकार एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम शुरू करने जा रही है जिसके तहत दस लाख ऐसे लोगों को AI स्किल्स में ट्रेन किया जाएगा जो IT बैकग्राउंड से नहीं हैं। सरकार को उम्मीद है कि इससे आम नागरिकों की उत्पादकता बढ़ेगी और उनकी आजीविका में सुधार होगा।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब हाल के आंकड़ों में पाकिस्तान के IT एक्सपोर्ट में वृद्धि देखी गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (जुलाई-दिसंबर) में पाकिस्तान का कुल IT एक्सपोर्ट 2.24 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। केवल दिसंबर के महीने में ही यह आंकड़ा 437 मिलियन डॉलर रहा जो सालाना आधार पर 26% की शानदार बढ़ोतरी है। हालांकि, कर्ज संकट के बीच 1 बिलियन का डॉलर अतिरिक्त निवेश जुटाना शहबाज सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।






