
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Nagpur Sadar Flyover New Design: नागपुर के सदर फ्लाईओवर की दोषपूर्ण डिजाइन को सुधारने की दिशा में मेट्रो को सफलता मिली है। सलाहकार द्वारा दी गई डिजाइन को लगभग फाइनल कर लिया गया है और यह भी तय हो गया है कि अब यह फ्लाईओवर लिबर्टी टॉकीज से शुरू होकर आरबीआई पेट्रोप पंप के सामने उतरेगा। इससे सदर की ओर से आने वाले यात्रियों को 2 सिग्नल में नहीं उतरना होगा और उनका समय काफी बचेगा। इतना ही नहीं कस्तूरचंद पार्क और आरबीआई चौक में लग रहे जाम को भी कम करने में मदद मिलेगी।
7 महीनों के विचार-विमर्श के बाद महा मेट्रो ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ चर्चा कर एक अंतिम डिजाइन के विकल्प को आगे बढ़ाने की पहल की है। नई डिजाइन की डिटेल्स प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाई जा रही है और अगले 10 दिनों के अंदर इसे फाइनल कर केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा जाएगा।
मेट्रो के अधिकारियों ने बताया कि गडकरी ने 36 करोड़ रुपये इसके लिए मंजूर किए थे लेकिन तब फ्लाईओवर को कस्तूरचंद पार्क में उतारने का विचार था लेकिन अब इसे आगे तक बढ़ा दिया गया है जिसके कारण इसकी लागत में वृद्धि होना तय है। नई डीपीआर में इसका उल्लेख किया जाएगा। बढ़ी हुई राशि को मंजूरी मिलने के बाद ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में लैंडिंग कस्तूरचंद पार्क में विचार किया गया था। इसमें कस्तूरचंद का जमीन अधिग्रहित करना पड़ता लेकिन अब डिजाइन में बदलाव होने के कारण कस्तूरचंद पार्क में केवल पिलर बनाने का काम किया जाएगा। इससे जमीन की जरूरत कम हो गई है। अब पेट्रोल पंप के पास फ्लाईओवर उतारने की प्लानिंग है जिसमें जमीन की जरूरत काफी कम हो गई है, इसलिए इस मद में लागत में कटौती हुई है।
टेंडर और निर्माण : सलाहकार से 10 दिनों के अंदर प्लान मिलने की संभावना है। डिजाइन फाइनल होने के बाद जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे। उम्मीद है कि 2 महीनों में यानी फरवरी या मार्च 2026 तक जमीन पर काम शुरू हो जाएगा।
हेरिटेज संरक्षण : अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नई डिजाइन में इस बात का खास ख्याल रखा गया है कि ऐतिहासिक कस्तूरचंद पार्क पर कोई विपरीत असर न पड़े।
जनवरी 2020 में शुरू हुए सदर फ्लाईओवर के पूर्वी छोर पर ट्रैफिक जाम और खराब डिजाइन को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। नितिन गडकरी के हस्तक्षेप के बाद महा मेट्रो ने ‘एस्ट्रम टेक्नो कंसल्टेंट्स’ को सलाहकार नियुक्त कर 3 विकल्पों का अध्ययन किया था। अधिकारी ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक की आवाजाही को सुगम बनाना और घुमावों को तकनीकी रूप से सही करना है ताकि यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो सके। महा मेट्रो अब मनपा और एनएचएआई एनएचएआई जैसी एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है ताकि निर्माण कार्य शुरू होने पर यातायात में कम से कम बाधा आए।
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डिजाइन में त्रुटि के कारण ऐेसा पहली बार हुआ है कि नेशनल हाईवे को वर्षों से बंद करके रखा गया है। नेशनल हाईवे बंद रहने से कामठी रोड जाने वालों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, इसके कारण सदर का क्षेत्र पूरी तरह से चरमरा गया है। लोग इस मार्ग का अधिक से अधिक उपयोग कर रहे हैं, जबकि कई स्थानों पर मार्ग काफी संकरा है और वहां पर रोजाना जाम की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।






