ईरान में मची भगदड़! क्या गिरने वाली है सरकार? कई बड़े नेता और संसद अध्यक्ष गुपचुप वीजा लेने में जुटे

Iran Political Crisis: ईरान में बढ़ते हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच सत्ता के गलियारों में खलबली मच गई है। रिपोर्ट के अनुसार, शीर्ष नेता अपने परिवारों को सुरक्षित निकालने की कोशिश में जुटे है।
Chaos in Iran! Is the government about to fall? Several top leaders and the Speaker of Parliament are secretly trying to obtain visas.
ईरान में मची भगदड़, (डिजाइन फोटो)
Published on
Updated on

Iran Protests Latest News In Hindi:  ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का असर अब सीधे तौर पर सत्ता के केंद्र में दिखाई दे रहा है। फ्रांसीसी मीडिया की रिपोर्टों ने दावा किया है कि ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों में भारी बेचैनी है। ईरानी-फ्रांसीसी पत्रकार इमैनुएल रजावी के अनुसार, पिछले 24 घंटों के भीतर ईरान के सुधारवादी गुट से जुड़े कई बड़े नेताओं ने फ्रांस का वीजा लेने की कोशिशें तेज कर दी हैं।

सबसे हैरान करने वाला दावा यह है कि ईरान की संसद के अध्यक्ष भी अपने परिवार को देश से बाहर निकालने के लिए फ्रांसीसी वीजा हासिल करने के प्रयास में जुटे हैं। इन नेताओं ने पेरिस में एक वकील के माध्यम से अपनी वीजा प्रक्रिया शुरू की है जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अब उन्हें देश के भीतर मौजूदा व्यवस्था पर भरोसा नहीं रहा।

सड़कों पर बढ़ती हिंसा

दो दिन में दो पुलिसकर्मियों की मौत ईरान में विरोध प्रदर्शन अब शांतिपूर्ण न रहकर हिंसक रूप अख्तियार कर चुके हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच खूनी संघर्ष की खबरें आ रही हैं। दक्षिण-पूर्वी प्रांत सिस्तान और बलूचिस्तान में एक पुलिस अधिकारी, महमूद हकीकत, की चलती गाड़ी से अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी गई। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इससे ठीक एक दिन पहले, पश्चिमी ईरान के इलाम प्रांत में एक अन्य अधिकारी, एहसान अगाजानी, की मौत भी प्रदर्शनकारियों के साथ हुई झड़प के दौरान गोली लगने से हुई थी। महज दो दिनों में दो पुलिसकर्मियों की हत्या यह दर्शाती है कि स्थिति प्रशासन के नियंत्रण से बाहर होती जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय समर्थन और सरकार की चेतावनी

ईरान की इस आंतरिक उथल-पुथल पर वैश्विक शक्तियों की भी नजर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों का खुला समर्थन किया है और चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा बलों ने जनता को नुकसान पहुंचाया तो अमेरिका प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ा होगा। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी प्रदर्शनकारियों के पक्ष में बयान जारी किया है। दूसरी ओर, ईरान का नेतृत्व झुकने को तैयार नहीं है।

ईरान के मुख्य न्यायाधीश गोलामहुसैन मोहसनी एजई ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि जो भी "इस्लामिक रिपब्लिक के दुश्मनों" की मदद करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आर्थिक तंगी और सरकार विरोधी लहर के बीच ईरान का भविष्य अब अनिश्चित नजर आ रहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com