- Hindi News »
- World »
- Iran Israel Once Allies Now Enemies How Islamic Revolution Changed Everything
एक-दूसरे के जानी दुश्मन ईरान-इजरायल कभी थे पक्के दोस्त, जानें इस्लामी क्रांति के बाद कैसे बदल गई पूरी कहानी
- Written By: अमन उपाध्याय
1948 में इजरायल के गठन के समय, तुर्की के बाद ईरान पहला मुस्लिम-बहुल देश था जिसने इजरायल को मान्यता दी। उस समय दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध थे, लेकिन बाद में स्थिति पूरी तरह बदल गई और आज वे एक-दूसरे के कट्टर...

ईरान-इजरायल, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: एक समय था जब इजरायल और ईरान एक-दूसरे के करीबी साथी हुआ करते थे, लेकिन आज ये दोनों देश एक-दूसरे के सबसे बड़े विरोधी बन चुके हैं। आज ये दोनों ही एक-दूसरे पर जानलेवा मिसाइल हमले कर रहे हैं, जबकि कभी ये कूटनीति और खुफिया मामलों में साथ मिलकर काम करते थे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इन दोनों देशों के बीच दुश्मनी की शुरुआत कैसे हुई? चलिए, विस्तार से समझते हैं कि कैसे ये पुराने सहयोगी आज एक-दूसरे के सबसे बड़े दुश्मन बन गए।
ईरान और इजरायल के बीच दोस्ती के संबंध शाही काल से चले आ रहे थे। 1948 में जब इजरायल ने खुद को एक यहूदी राष्ट्र घोषित किया, तो ईरान उन कुछ मुस्लिम देशों में शामिल था, जिसने इसे चुपचाप स्वीकार कर लिया था। उस समय ईरान के शासक शाह मोहम्मद रजा पहलवी और इजरायल सरकार के बीच राजनीतिक और सैन्य संबंध काफी मजबूत थे।
कभी एक दूसरे के हुआ करते थे साथी
दोनों देश अमेरिका के करीबी सहयोगी माने जाते थे और उनके बीच घनिष्ठ साझेदारी थी। ईरान इजरायल को तेल निर्यात करता था, जबकि बदले में इजरायल ईरान को खुफिया जानकारी, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान करता था। हालांकि, यह दोस्ती ईरान में 1979 की इस्लामिक क्रांति तक ही सीमित रही। जब शाह का शासन समाप्त हुआ और नई सरकार सत्ता में आई, तो दोनों देशों के रिश्ते बिगड़ गए और वे एक-दूसरे के कट्टर विरोधी बन गए।
सम्बंधित ख़बरें
‘तुरंत घर छोड़ो…’ इजरायल की चेतावनी से लेबनान में मचा हड़कंप, एयरस्ट्राइक में 3 लोगों की मौत
US-ईरान जंग से डरा चीन? न्यूक्लियर अड्डों के पास बना रहा विशाल मिलिट्री बेस, सैटेलाइट तस्वीरों ने खोला राज
Myanmar President Visit: म्यांमार के राष्ट्रपति भारत पहुंचे, बोधगया से शुरू हुआ पांच दिवसीय दौरा
म्यांमार-भारत दोस्ती में नया अध्याय! राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग आज से 5 दिवसीय राजकीय दौरे पर
मोसाद और SAVAK ने मिलकर किया काम
1958 में इजरायल के तत्कालीन प्रधानमंत्री डेविड बेन-गुरियन और तुर्की के प्रधानमंत्री अदनान मेंडेरेस ने एक गुप्त मुलाकात में साझेदारी की रूपरेखा तय की थी। इसके बाद ईरान, तुर्की और इजरायल ने मिलकर “ट्राइडेंट” नामक एक गुप्त समझौता किया। इस समझौते के तहत तीनों देशों ने खुफिया जानकारियों का आदान-प्रदान, आर्थिक मदद और सैन्य हथियारों की खरीद-बिक्री पर सहमति जताई थी।
ईरान के एयरबेस पर तबाही! इजरायल ने उड़ाए F-5 जेट, यमन बोला- अब हम भी जंग में
इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद और ईरान की जासूसी एजेंसी SAVAK ने काफी समय तक साथ मिलकर काम किया। इजरायल ने ईरान को सैन्य सलाहकार और तकनीकी मदद भी दी। ईरान के सैन्य और औद्योगिक विकास में इजरायल ने बड़ा योगदान दिया। 1967 के छह दिन के युद्ध के बाद, जब कई अरब देशों ने इजरायल का बहिष्कार किया, तब ईरान ने इजरायल को कच्चा तेल की आपूर्ति जारी रखी। बदले में, इजरायल ने ईरान को आधुनिक कृषि तकनीक और तकनीकी सहायता प्रदान की।
ईरान-इजरायल
इस्लामी क्रांति के बाद आया बड़ा बदलाव
ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद आयतुल्ला खुमैनी ने शाह के शासन का अंत कर दिया। उन्होंने एक कठोर इस्लामी व्यवस्था स्थापित की, जिसने इजरायल को “इस्लाम का शत्रु” और “शैतान” करार दिया। इस नीति के तहत, ईरान ने इजरायली पासपोर्ट को मान्यता देना बंद कर दिया, द्विपक्षीय संबंध तोड़ लिए और तेहरान स्थित इजरायली दूतावास को बंद करके उसका परिसर फिलिस्तीनी मुक्ति संगठन (PLO) को सौंप दिया। इस प्रकार, एक समय के सहयोगी देशों के बीच मित्रता की जगह गहरी शत्रुता ने ले ली। इसके बाद से इजरायल, ईरान को मध्य पूर्व का सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा मानने लगा।
आज बन गए एक-दूसरे के कट्टर दुश्मन
ईरान के नए इस्लामी शासन ने इजरायल को न केवल एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी, बल्कि एक गैर-कानूनी राष्ट्र के रूप में भी देखा। ईरान की इस्लामी क्रांति के बाद, वहां की सरकार ने फिलिस्तीनी मुद्दे को अपनी विदेश नीति का प्रमुख हिस्सा बना लिया और इजराइल को एक अवैध राष्ट्र मानने लगी। अयातुल्ला खोमैनी ने इजरायल के विरोध में कड़े भाषण दिए। 1980 और 1990 के दशकों में ईरान ने हिजबुल्लाह (लेबनान) और हमास (फिलिस्तीनी इलाकों) जैसे समूहों को सहायता देना शुरू किया, जिन्हें इजरायल आतंकी संगठन मानता है।
तब से दोनों देशों के बीच दुश्मनी इतनी बढ़ गई है कि वे एक-दूसरे को समाप्त करने की मानसिकता तक पहुंच गए हैं। आज स्थिति यह है कि जिन दोनों देशों ने कभी साथ मिलकर मिसाइल कार्यक्रम चलाए थे, वे अब एक-दूसरे को नष्ट करने के लिए मिसाइल हमलों को अंजाम दे रहे हैं।
Iran israel once allies now enemies how islamic revolution changed everything
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए सेना तैयार! आर्मी चीफ द्विवेदी की दोटूक, थिएटराइजेशन रिपोर्ट रक्षा मंत्री को सौंपी
May 30, 2026 | 06:32 PMभोजशाला की माँ वाग्देवी प्रतिमा को भारत लाने की कवायद तेज, मूर्ति वापस लाने के लिए धार सांसद ने लिखा पत्र
May 30, 2026 | 06:31 PMगुरुग्राम की सड़कों पर दौड़ा AC ऑटो, वीडियो देख लोग बोले- ये तो तीन पहियों वाली कार है
May 30, 2026 | 06:30 PMदिल्ली-NCR में इमरजेंसी अलर्ट! मौसम विभाग ने दी भीषण बारिश-तूफान की चेतावनी, अचानक मोबाइल पर बजने लगा सायरन
May 30, 2026 | 06:28 PMनर्मदापुरम कलेक्टर और एसपी का अनोखा अंदाज, अधिकारियों संग बैलगाड़ी से पहुंचे गांव, खेला गिल्ली-डंडा
May 30, 2026 | 06:26 PMपहली बार लाइव सिंगिंग करेंगी हेमा मालिनी, Dream Girl Diamond Jubilee Concert में दिखेगा नया अंदाज
May 30, 2026 | 06:24 PM‘तुरंत घर छोड़ो…’ इजरायल की चेतावनी से लेबनान में मचा हड़कंप, एयरस्ट्राइक में 3 लोगों की मौत
May 30, 2026 | 06:20 PMवीडियो गैलरी

क्या बंद होने वाले हैं कागज के ये नोट? जानिए 1 जून से बदलने वाले 5 बड़े नियम! Video
May 30, 2026 | 05:04 PM
हड़प्पाकालीन पशुपति सील पर अमेरिकी इतिहासकार के दावे पर भड़के भारतीय संत, दिया करारा जवाब, देखें VIDEO
May 30, 2026 | 01:45 PM
सूफियों की वजह से आतंकवाद… मौलाना शहाबुद्दीन का बड़ा बयान, बांग्लादेशी प्रवासियों पर सरकार से की बड़ी अपील
May 30, 2026 | 01:31 PM
15 साल में बंगाल का सत्यानाश…मंत्री दिलीप घोष का फूटा गुस्सा, बोले- नेता-मंत्री-अधिकारी सभी धोखेबाज- VIDEO
May 30, 2026 | 01:19 PM
अब डॉलर पर होगी डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर, जानें किस नोट पर होंगे हस्ताक्षर और क्या कहता है कानून- VIDEO
May 30, 2026 | 11:34 AM
डीके शिवकुमार कब लेंगे सीएम पद की शपथ? ज्योतिषी ने चुन ली वो ‘खास तारीख’, दिसंबर तक नहीं है इससे शुभ दिन
May 29, 2026 | 11:10 PM













