'भारत के बिना नहीं चलेगा यूरोप का काम...', दिल्ली आने पहले ही EU नेताओं ने दे दी खुशखबरी, इन 3 डील पर बनी बात

India-EU Trade Deal: यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता भारत आ रहे हैं। 16वें EU-भारत शिखर सम्मेलन में व्यापार, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और शोध में सहयोग बढ़ाने और मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा होगी।
India-EU Free Trade Agreement
भारत और यूरोपीय संघ के बीच जल्द होगा मुक्त व्यापार समझौता (सोर्स- सोशल मीडिया)
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India-EU Free Trade Agreement: गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि और 27 जनवरी को 16वें EU-भारत शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता भारत आने वाले हैं। इस दौरे के पहले, विदेश मामलों और सुरक्षा नीति के लिए यूरोपीय संघ की उच्च प्रतिनिधि, कॉया कॉलस ने यूरोपीय संसद में कहा कि भारत यूरोप के आर्थिक लचीलेपन के लिए अब "अपरिहार्य" बन गया है। 

उन्होंने संकेत दिया कि यूरोपीय संघ नई दिल्ली के साथ व्यापार, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और लोगों से लोगों के संबंधों में एक मजबूत, नए एजेंडे पर काम करने के लिए तैयार है। कॉया कॉलस ने कहा कि शिखर सम्मेलन एक "महत्वपूर्ण क्षण" होगा, क्योंकि दोनों पक्ष ऐसे समय में एक साथ आगे बढ़ रहे हैं जब अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था युद्ध, जबरदस्ती और आर्थिक विभाजन के दबाव में है।

भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते मजबूत करेगा EU

उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों लोकतंत्रों की जिम्मेदारी है कि वे संयुक्त राष्ट्र चार्टर और 21वीं सदी के लिए प्रभावी बहुपक्षीय प्रणाली को बनाए रखें। इस बैठक में एक नए, व्यापक संयुक्त यूरोपीय संघ-भारत रणनीतिक एजेंडे को अपनाने की संभावना है, जो 2030 तक साझेदारी का रोडमैप तय करेगा।

व्यापार से लेकर रक्षा पर बनी बात

शिखर सम्मेलन का पहला प्रमुख लक्ष्य लंबे समय से लंबित यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौते को पूरा करना है। कॉलस के अनुसार, यह समझौता बाजार को खोलेगा, टैरिफ बाधाओं को हटाएगा और स्वच्छ प्रौद्योगिकियों, फार्मास्यूटिकल्स और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा।

दूसरा, दोनों पक्ष एक नई सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं। यह समझौता समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी और साइबर-रक्षा में सहयोग बढ़ाएगा, साथ ही सूचना सुरक्षा समझौते पर बातचीत शुरू होगी। कॉलस ने कहा, "इस अधिक खतरनाक दुनिया में, हमें एक साथ काम करने से लाभ होगा।"

तीसरा, दोनों पक्ष गतिशीलता और अनुसंधान व नवाचार में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक ढांचे पर समझौता करने की योजना बना रहे हैं। इससे मौसमी श्रमिकों, छात्रों, शोधकर्ताओं और उच्च-कुशल पेशेवरों की आवाजाही को आसान बनाया जाएगा। यह पहल दोनों पक्षों के दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 

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