
Cyber Security (Source. Facbook)
How To Avoid Online Fraud: आज हमारी पूरी ज़िंदगी इंटरनेट और स्मार्टफोन के इर्द-गिर्द घूमने लगी है। बैंकिंग से लेकर पढ़ाई, खरीदारी से लेकर सरकारी काम तक, सब कुछ ऑनलाइन हो चुका है। ऐसे में Cyber Security अब कोई विकल्प नहीं बल्कि एक ज़रूरत बन गई है। भले ही स्मार्टफोन और इंटरनेट हमें सुविधा देते हों, लेकिन इसी तकनीक का इस्तेमाल कर साइबर ठग मासूम लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। रोज़ाना फ्रॉड, स्कैम और डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जो चिंता का विषय हैं। सरकार लगातार लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रही है, लेकिन इसके बावजूद स्कैमर्स नए-नए तरीकों से लोगों को बातों के जाल में फंसा कर उनका अकाउंट खाली कर रहे हैं।
इसी खतरे को देखते हुए हाल ही में Cogniflux कंपनी ने गोवा में Cybersecurity Awareness Workshop के चौथे संस्करण का सफल आयोजन किया। यह कार्यक्रम 7 से 10 जनवरी 2026 तक चला, जिसकी अगुवाई भारत के जाने-माने साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट डॉ. रक्षित टंडन ने की।
इस वर्कशॉप में करीब 8000 छात्र, पैरेंट्स, प्रोफेशनल्स और सरकारी कर्मचारी शामिल हुए। डॉ. रक्षित टंडन ने सभी को डिजिटल खतरों से बचने और साइबर फ्रॉड को पहचानने के आसान तरीके बताए। LinkedIn पर साझा पोस्ट में उन्होंने लिखा, “इस इवेंट को बड़े स्तर पर आयोजित करने में स्पॉन्सर्स, पार्टनर्स और शुभचिंतकों का सहयोग अमूल्य रहा, जिनके बिना सुरक्षित डिजिटल भविष्य की यह पहल संभव नहीं थी।”
डॉ. रक्षित टंडन के फेसबुक पोस्ट के अनुसार, गोवा के सखाली (सांकेलिम) स्थित रवींद्र भवन में स्कूल और नर्सिंग कॉलेज के करीब 2000 छात्रों को साइबर सिक्योरिटी के प्रति जागरूक किया गया। यह प्रभावशाली पहल Cogniflux द्वारा आयोजित की गई थी, जिसे Vigil Aunty और HDFC Bank का मजबूत समर्थन मिला। इस सत्र को गोवा के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत की उपस्थिति ने और भी खास बना दिया। उन्होंने छात्रों को डिजिटल अनुशासन और साइबर सुरक्षा की अहम बातें समझाईं।
Cyber Security वह प्रक्रिया है, जिसके जरिए कंप्यूटर, नेटवर्क, सॉफ्टवेयर और डेटा को अनधिकृत पहुंच और डिजिटल हमलों से सुरक्षित रखा जाता है। इसका मकसद आपकी निजी जानकारी और पैसों की सुरक्षा करना है।
ये भी पढ़े: गलत सलाह दे रहा था Google AI, चुपचाप हटाए गए मेडिकल सर्च रिजल्ट






