
शहबाज शरीफ
इस्लामाबाद: आईएमएफ यानी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) पाकिस्तान पर मेहरबान हुआ। कर्ज में डूबे पाकिस्तान को उबारने के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने शहबाज शरीफ सरकार के लिए सात अरब डॉलर के नए ऋण पैकेज को मंजूरी दे दी है।
IMF के मुताबिक, नकदी की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान देश के मौजूदा आर्थिक संकट से निपटने के प्रयासों को मजबूती देने के लिए यह कदम उठाया गया है। यही नहीं 1.1 अरब डॉलर से कम की पहली ऋण किस्त को तत्काल जारी करने की अनुमति भी मिल गई है।
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ब्सिडी को सीमित करने का वादा
आईएमएफ बोर्ड की बुधवार को वाशिंगटन में बैठक हुई। बैठक में पाकिस्तान के साथ कर्मचारी स्तरीय समझौते को मंजूरी दी गई है। इससे पहले पाकिस्तान ने अपने कृषि आयकर में सुधार करने, कुछ वित्तीय जिम्मेदारियों को प्रांतों को हस्तांतरित करने और सब्सिडी को सीमित करने का वादा किया था।
25वां IMF कार्यक्रम
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय ने पुष्टि की कि आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने 37 महीने की विस्तारित निधि सुविधा (EFF) को मंजूरी दे दी है। जिसकी कुल राशि सात अरब अमेरिकी डॉलर है। यह 1958 के बाद से पाकिस्तान द्वारा प्राप्त किया गया 25वां IMF कार्यक्रम और छठा EFF है।
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आखिरी IMF कार्यक्रम होने का दावा
समाचार पत्र द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने वित्त मंत्रालय के हवाले से कहा कि पाकिस्तान IMF ऋण पर करीब पांच प्रतिशत ब्याज दर का भुगतान करेगा। मंत्रालय ने यह बयान आर्थिक मामलों से संबंधित सीनेट की स्थाई समिति को भेजा था। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को इसे दोहराते हुए कहा कि यह पाकिस्तान का आखिरी आईएमएफ कार्यक्रम होगा। हालांकि शरीफ ने यह बयान 2023 में 24वें कार्यक्रम को मंजूरी मिलने के बाद भी दिया था।






