पाकिस्तान में महासंग्राम: खामेनेई की मौत पर कराची से PoK तक भड़की हिंसा, अब तक 35 लोगों की मौत

Violent Protest Deaths: ईरान के लीडर खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। कराची से लेकर PoK तक हुई झड़पों में अब तक 35 लोगों की जान जा चुकी है और 100 से अधिक घायल हैं।
Pakistan Unrest: 35 Dead in Violent Protests Following Death of Iran Leader Khamenei
खामेनेई की मौत पर पाकिस्तान में महासंग्राम (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Death Toll In Pakistan Protests: आज की सुबह पाकिस्तान के कई शहरों के लिए मातम और चीख-पुकार लेकर आई है क्योंकि ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत की खबर ने यहां नफरत की आग लगा दी है। लोग भारी संख्या में सड़कों पर उतर आए हैं और सुरक्षाबलों के साथ उनकी हिंसक झड़पें पूरी दुनिया को डरा रही हैं। इस बेहद तनावपूर्ण माहौल में आम नागरिकों की जान जा रही है और चारों तरफ केवल धुआं, आंसू और दहशत का मंजर ही नजर आ रहा है। यह एक ऐसी मानवीय त्रासदी है जिसने न केवल सीमा पार के रिश्तों को बल्कि आंतरिक सुरक्षा और शांति को भी दांव पर लगा दिया है।

हिंसा का खौफनाक मंजर

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के विरोध में पाकिस्तान के कराची से लेकर गुलाम कश्मीर (PoK) तक के शहरों में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बेकाबू होती हिंसा में अब तक 35 निर्दोष नागरिकों की जान जा चुकी है जबकि 100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई सीधी भिड़ंत ने हालात को और भी ज्यादा विस्फोटक और चिंताजनक बना दिया है।

शहरों में मौतों का आंकड़ा

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार सबसे ज्यादा तबाही कराची में देखी गई है जहां हिंसक प्रदर्शनों के दौरान अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा गिलगित में 7, स्कर्दू में 6 और राजधानी इस्लामाबाद में भी 6 आम नागरिकों ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अपनी जान गंवाई है। सूत्रों का कहना है कि ये सभी नागरिक झड़पों के दौरान सुरक्षा बलों और वहां तैनात अमेरिकी मरीन सुरक्षा टुकड़ी की कार्रवाई में हताहत हुए हैं।

अस्पतालों में आपातकाल

बिगड़ते हालातों को देखते हुए पंजाब सरकार ने प्रांत के सभी सरकारी अस्पतालों में तत्काल प्रभाव से इमरजेंसी घोषित कर दी है ताकि घायलों को तुरंत उपचार मिल सके। हालांकि कुछ गोपनीय सूत्रों का दावा है कि प्रशासन ने अस्पतालों को मौतों के वास्तविक आंकड़े मीडिया के सामने जारी न करने के सख्त निर्देश दिए हैं। शिया आबादी वाले संवेदनशील इलाकों में एहतियातन भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की और अधिक हिंसा को समय रहते रोका जा सके।

अमेरिकी दूतावास का अलर्ट

पाकिस्तान में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए कड़ी सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है और उन्हें भीड़-भाड़ वाले और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी है। दूतावास कराची, लाहौर, इस्लामाबाद और पेशावर में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों और घेराव के ऐलान पर पल-पल की पैनी नजर रख रहा है। अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय समाचारों से लगातार अपडेट रहें और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी उपायों का पालन करें।

भारत की पैनी नजर

पड़ोसी देश में मचे इस भारी कोहराम और मध्य पूर्व के तनावपूर्ण हालातों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। भारत इस पूरी स्थिति पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त कर रहा है और सभी संबंधित पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने की पुरजोर अपील कर रहा है। भारत सरकार का मुख्य फोकस युद्ध प्रभावित क्षेत्रों और पड़ोसी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भविष्य की कूटनीतिक रणनीति तैयार करना है।

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