- Hindi News »
- World »
- Human Rights Organizations Urge Bangladesh Pm To Protect Press Freedom And Release Detained Journalists
मानवाधिकार संगठनों ने बांग्लादेश के पीएम से प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की रिहाई की मांग की
Bangladesh Media Freedom: मानवाधिकार संगठनों ने बांग्लादेश के PM को पत्र लिखकर पत्रकारों की रिहाई, प्रेस स्वतंत्रता बहाली और मीडिया कर्मियों पर हो रहे हमलों की निष्पक्ष जांच करने का कड़ा आग्रह किया है।
- Written By: प्रिया सिंह

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान (सोर्स-सोशल मीडिया)
Protecting Bangladesh Press Freedom: बांग्लादेश में प्रेस की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की गिरती स्थिति को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता जताई जा रही है और अब ठोस कदम उठाने की जरूरत है। हाल ही में कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स और आठ अन्य संगठनों ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान को एक अत्यंत महत्वपूर्ण संयुक्त पत्र भेजा है। इस पत्र के माध्यम से सरकार से पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा करने और मीडिया की आजादी सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। वर्तमान में देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर मंडरा रहे खतरों को दूर करना लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक बताया गया है।
अभिव्यक्ति की आजादी पर संकट
संयुक्त पत्र में मानवाधिकार संगठनों ने बांग्लादेश सरकार से मीडिया की आजादी को प्राथमिकता देने और हिरासत में लिए गए पत्रकारों को तुरंत रिहा करने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि डिजिटल सुरक्षा अधिनियम और साइबर सुरक्षा अधिनियम जैसे कठोर कानूनों के तहत पत्रकारों पर दर्ज मुकदमों की तुरंत समीक्षा की जाए। ये कदम देश में प्रेस की स्वतंत्रता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बहाल करने की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
हिंसक समूहों और सेंसरशिप की चुनौती
पत्र में चेतावनी दी गई है कि पत्रकार, संगीतकार और कलाकार वर्तमान में हिंसक भीड़ और कट्टरपंथी समूहों के हमलों और धमकियों का सामना कर रहे हैं। संगठनों ने सरकार से आग्रह किया कि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए कानून का दुरुपयोग और हिंसा को तत्काल प्रभाव से रोके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने इंटरनेट बंद करने की घटनाओं और मनमानी सेंसरशिप को समाप्त कर अंतरराष्ट्रीय मानकों को लागू करने की मांग की है।
सम्बंधित ख़बरें
EXPLAINER: मैक 25 की रफ्तार, 3000 KG पेलोड… आखिर कितनी खतरनाक है तुर्किये की नई मिसाइल यिल्डिरिमहन?
सड़कों में आ रही हैं दरारें… क्या पाताल में समा रहा है ये शहर? सैटेलाइट रिपोर्ट से मचा हड़कंप
इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी: 10 KM ऊपर तक उठी राख, 3 पर्वतारोहियों की मौत; देखें VIDEO
Canada Hospital Ants: कनाडा अस्पताल में चींटियों का हमला, ऑपरेशन थिएटर तक पहुंचीं, सर्जरी हुईं रद्द
मीडिया संस्थानों पर हमले की जांच
हस्ताक्षरकर्ताओं ने दिसंबर 2025 के दौरान अंतरिम सरकार के कार्यकाल में ‘प्रथम आलो’ और ‘डेली स्टार’ जैसे प्रमुख समाचार संस्थानों पर हुए हमलों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने इन हमलों की त्वरित और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सरकार से एक मजबूत और स्वतंत्र ‘राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग’ बनाने का सुझाव दिया है। यह आयोग भविष्य में मीडिया कर्मियों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार को रोकने में मदद कर सकता है।
मानवाधिकारों का बढ़ता उल्लंघन
रिपोर्ट के अनुसार अंतरिम सरकार के शासन के दौरान बड़े पैमाने पर मनमानी गिरफ्तारियों और हमलों के कारण अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगातार खतरा बना हुआ है। बढ़ती हुई भीड़ हिंसा ने न केवल कानून के शासन को चुनौती दी है, बल्कि अल्पसंख्यक समुदायों, महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को भी गंभीर संकट में डाल दिया है। सुरक्षा बलों द्वारा चटगांव जैसे क्षेत्रों में की जा रही मारपीट और यातना की घटनाओं ने मानवाधिकारों की स्थिति को और भी अधिक चिंताजनक बना दिया है।
यह भी पढ़ें: 12 अरब और इस्लामी देशों ने ईरानी हमलों की निंदा की और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान की मांग रखी
भविष्य के लिए सकारात्मक सुधार
मानवाधिकार संगठनों ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान से अपने कार्यकाल का उपयोग व्यवस्थागत सुधारों को बढ़ावा देने और शासन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए करने को कहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि इन सुधारों के माध्यम से बांग्लादेश में सकारात्मक बदलाव की एक ऐसी विरासत बनेगी जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। लोकतंत्र की मजबूती के लिए सरकार को सभी नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरानी चाहिए।
Human rights organizations urge bangladesh pm to protect press freedom and release detained journalists
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
छतरपुर में सनसनी: बंद पड़ी पुलिस चौकी के अंदर फंदे से लटका मिला हेड कांस्टेबल का शव
May 08, 2026 | 06:13 PMफॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट में 91 पदों पर भर्ती, 10वीं पास से ग्रेजुएट तक कर सकते हैं आवेदन
May 08, 2026 | 06:12 PMबंगाल में अब चलेगा BJP का ‘चरैवेति चरैवेति’ मंत्र, CM चुने जाने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने बताया रोडमैप
May 08, 2026 | 05:56 PMअब प्राइवेट नहीं रहेंगी आपकी Chats, Meta ने हटाया बड़ा सिक्योरिटी फीचर, बढ़ सकता है खतरा
May 08, 2026 | 05:56 PMआयलानी के प्रयासों को मिली सफलता, म्हारल से जावसई गांव तक सड़क निर्माण के लिए 200 करोड़ की निधि मंजूर
May 08, 2026 | 05:52 PMनिदा खान प्रेग्नेंट है या नहीं? गिरफ्तारी के बाद हुआ टेस्ट पॉजिटिव या नेगेटिव, कोर्ट में किया दावा झूठ या सच
May 08, 2026 | 05:49 PMनंदीग्राम का वो ऐतिहासिक आंदोलन, जिसने सुवेंदु अधिकारी को बनाया बड़ा नेता; अब संभालेंगे बंगाल की कमान
May 08, 2026 | 05:49 PMवीडियो गैलरी

दीदी आप हारी नहीं हो! ममता बनर्जी से मिलने कोलकाता पहुंचे अखिलेश यादव, बढ़ाया हौसला- VIDEO
May 08, 2026 | 01:48 PM
कानून का कोई मतलब नहीं! चंद्रनाथ रथ की हत्या पर पप्पू यादव का बड़ा बयान, देखें VIDEO
May 08, 2026 | 01:32 PM
योगी जी, हर मोड़ पर यमराज हैं तो सुनवाई क्यों नहीं? बेटी से बदसलूकी पर इंसाफ की गुहार लगा रही मां- देखें VIDEO
May 07, 2026 | 05:58 PM
चंद्रनाथ की मौत की जिम्मेदार TMC? बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के PA को गोलियों से भूना, BJP ने बनर्जी को घेरा
May 07, 2026 | 01:28 PM
बिहार में सम्राट कैबिनेट का विस्तार; गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह, नीतीश के बेटे निशांत बने मंत्री
May 07, 2026 | 12:21 PM
Anant Singh Case: हथियार, नाच-गाना और FIR, प्रशासन की कार्रवाई पर भड़के छोटे सरकार कहा-हम माननीय हैं या जानवर
May 07, 2026 | 11:57 AM














