Bangladesh: तारिक रहमान बने बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री; 36 साल बाद पड़ोसी देश को मिला पुरुष पीएम

Tarique Rahman PM Oath: 17 साल के लंबे इंतजार के बाद तारिक रहमान ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली है। बीएनपी की प्रचंड जीत के साथ ढाका में 36 साल बाद पुरुष प्रधानमंत्री का दौर लौटा है।
Bangladesh: Tariq Rahman becomes the new Prime Minister of Bangladesh; after 36 years, the neighboring country got a male PM.
तारिक रहमान बने बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Bangladesh PM Latest News: बांग्लादेश की राजनीति में मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को एक नया अध्याय जुड़ गया। महीनों की राजनीतिक उथल-पुथल और अनिश्चितता के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के प्रमुख तारिक रहमान ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली है। यह शपथ ग्रहण समारोह ढाका में संसद परिसर के 'साउथ प्लाजा' में आयोजित किया गया जहां मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

इस शपथ ग्रहण समारोह में उनके साथ कई अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। खास बात यह है रही कि उनके मंत्रिमंडल में दो हिंदू नेताओं को भी शामिल किया गया है। निताई रॉय चौधरी और दीपेन दीवान चकमा को तारिक सरकार में मंत्री के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।

36 साल बाद पुरुष प्रधानमंत्री

तारिक रहमान का सत्ता संभालना कई मायनों में ऐतिहासिक है। बांग्लादेश को 36 साल के लंबे अंतराल के बाद कोई पुरुष प्रधानमंत्री मिला है। इससे पहले दशकों तक सत्ता की कमान शेख हसीना और खालिदा जिया के हाथों में रही थी। तारिक रहमान खुद 17 साल के निर्वासन के बाद वतन लौटे हैं और अपनी पार्टी को एक बड़ी जीत दिलाई है। 12 फरवरी को हुए नेशनल इलेक्शन में बीएनपी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 297 में से 211 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया।

भारत की उपस्थिति और वैश्विक संदेश

इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए कई देशों के प्रतिनिधि ढाका पहुंचे। भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए विशेष रूप से ढाका पहुंचे हैं जो नई सरकार के साथ संबंधों को लेकर नई दिल्ली के सकारात्मक रुख का संकेत है। उनके अलावा भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की और इससे पहले डॉ. मुहम्मद यूनुस से मुलाकात कर सफल चुनाव के लिए बधाई दी।

आवामी लीग की अनुपस्थिति

यह चुनाव पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी 'आवामी लीग' के बिना लड़ा गया क्योंकि उन्हें चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी गई थी। बीएनपी की इस एकतरफा जीत और तारिक रहमान के नेतृत्व में अब बांग्लादेश एक नई दिशा की ओर कदम बढ़ा रहा है जिसमें आर्थिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को फिर से परिभाषित करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।

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