जापान के पूर्व प्रधानमंत्री योशीहिदे ने भारतीय दूतावास में शोक पुस्तिका पर किए हस्ताक्षर

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा ने टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास का दौरा कर पूर्व भारतीय के पूर्व प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की स्मृति में खोली गई शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए।
भारतीय दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर कर मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि, जापान के पूर्व प्रधानमंत्री योशीहिदे
जापान के पूर्व प्रधानमंत्री योशीहिदे
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टोक्योः जापान के पूर्व प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा ने टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास का दौरा कर पूर्व भारतीय के पूर्व प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की स्मृति में खोली गई शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर कर मनमोहन सिंह के भारत-जापान संबंधों में योगदान को याद किया। गौरतलब है कि डॉ. मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर को दिल्ली में निधन हो गया था।

उनकी यात्रा के बारे में विवरण साझा करते हुए, टोक्यो में भारतीय दूतावास ने कहा, "जापान के पूर्व प्रधान मंत्री और लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के उपाध्यक्ष महामहिम श्री योशीहिदे सुगा ने टोक्यो में भारतीय दूतावास का दौरा किया और भारत के पूर्व प्रधान मंत्री डॉ मनमोहन सिंह की स्मृति में खोली गई शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए।"

मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में निधन

मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में 26 दिसंबर को दिल्ली में श्वास संबंधी समस्याओं के कारण निधन हो गया। डॉक्टरों के अनुसार भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह रेस्पिरेटरी डिजीज से जूझ रहे थे। दरअसल यह बीमारी सांस से जुड़ी बीमारी है। बता दें कि जब किसी इंसान को रेस्पिरेटरी डिजीज होती है तो उसे सांस लेने में प्रॉब्लम होने लगती है। 28 दिसंबर को उनके परिवार, दोस्तों, सहकर्मियों और सरकारी गणमान्य लोगों की मौजूदगी में दिल्ली के कश्मीरी गेट स्थित निगमबोध घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पीएम नरेन्द्र मोदी के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देने के बाद अंतिम संस्कार समारोह में मौजूद थे।

भारत की अर्थव्यवस्था को बदलने में अहम भूमिका

सिंह का राजनीतिक करियर कई दशकों तक फैला रहा, जिसमें 1991 से 1996 तक वित्त मंत्री सहित कई उल्लेखनीय पद शामिल हैं, जिसके दौरान उन्होंने आर्थिक सुधारों की अगुआई की जिसने भारत की अर्थव्यवस्था को बदल दिया। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के बाद 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया।

उनका कार्यकाल विशेष रूप से आर्थिक संकटों के दौरान उनके स्थिर नेतृत्व और भारत की अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाने में उनके योगदान के लिए याद किया जाता है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए के आम चुनाव हारने के बाद 2014 में नरेंद्र मोदी ने उनका स्थान लिया। इस साल की शुरुआत में मनमोहन सिंह राज्यसभा से सेवानिवृत्त हुए।

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