- Hindi News »
- World »
- China Civil Society Repression Xi Jinping Human Rights Crackdown
चीन में नागरिकों वकीलों, छात्रों और मजदूरों की आवाज खामोश कर रही जिनपिंग सरकार
- Written By: प्रिया सिंह
China Human Rights: चीन में मानवाधिकारों की स्थिति बदतर हो गई है। शी जिनपिंग सरकार ने मजदूरों, वकीलों और छात्रों पर शिकंजा कस दिया है। शिंग वांगली की सजा नागरिक दमन का एक चिंताजनक प्रतीक बन गई है।

चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग (सोर्स-सोशल मीडिया)
China Xi Jinping civil society crackdown: चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में नागरिक समाज और मानवाधिकारों के लिए जगह तेजी से खत्म होती जा रही है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी अब किसी भी तरह की असहमति या स्वायत्तता को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं दिख रही है। श्रमिक कार्यकर्ताओं से लेकर वकीलों और छात्रों तक, हर उस आवाज को दबाया जा रहा है जो व्यवस्था पर सवाल उठाती है। यह दमन अब एक व्यवस्थित पैटर्न बन चुका है, जिसने देश के भीतर भय और खामोशी का माहौल पैदा कर दिया है।
श्रमिक कार्यकर्ताओं पर प्रहार
हेनान प्रांत में श्रमिक अधिकार कार्यकर्ता शिंग वांगली को तीन साल की सजा मिलना चीन की बढ़ती असहिष्णुता का ताजा उदाहरण है। उन पर “झगड़ा भड़काने और उपद्रव करने” जैसे अस्पष्ट आरोप लगाकर जेल भेज दिया गया है, जो वहां अक्सर कार्यकर्ताओं को फंसाने के लिए इस्तेमाल होते हैं। शिंग पहले ही विभिन्न मामलों में दस साल से अधिक समय जेल में बिता चुके हैं, जो दर्शाता है कि उन्हें बार-बार निशाना बनाया जा रहा है।
न्यायिक प्रक्रिया का अभाव
मानवाधिकार संगठनों ने चीन की गिरती न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि वहां बंदियों को वकीलों से मिलने तक की अनुमति नहीं दी जा रही है। शिंग वांगली के मामले में भी उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि हिरासत के दौरान उन्हें कानूनी सहायता और परिजनों से संपर्क करने से रोका गया। यह स्थिति दर्शाती है कि चीन में निष्पक्ष सुनवाई की संभावनाएं अब लगभग पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं और कानून का इस्तेमाल केवल दमन के लिए हो रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
Massachusetts Meteor: अमेरिका के मैसाचुसेट्स में गिरा विशाल उल्कापिंड, तेज धमाके से कांप उठी कई इमारतें
गुजरात के मेडिकल स्टूडेंट की जॉर्जिया में मौत की आशंका! 17 दिनों बाद नदी में शव मिलने की खबर
Pakistan Heatwave: पाकिस्तान में रिकॉर्डतोड़ गर्मी, 51.5 डिग्री सेल्सियस पहुंचा पारा, कराची में 10 की मौत
अमेरिका के ओमाहा कोर्ट ने नाबालिग के शोषण मामले में भारतीय मूल के व्यक्ति को सुनाई 10 साल की सजा
निगरानी का बढ़ता जाल
चीन में अब केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन दुनिया में भी निगरानी का एक अभेद्य जाल बिछा दिया गया है जो हर टिप्पणी पर नजर रखता है। ऑनलाइन टिप्पणीकारों और धार्मिक अनुयायियों को भी “अपारदर्शी” कानूनी सजाओं के जरिए डराया जा रहा है, जिससे सार्वजनिक विमर्श पूरी तरह खत्म हो गया है। सरकार की तकनीक-आधारित निगरानी प्रणाली अब समाज के हर वर्ग को अपनी मर्जी के अनुसार ढालने और जबरन अनुरूपता लाने का एक हथियार बन गई है।
छात्रों और वकीलों पर शिकंजा
श्रमिकों के अलावा छात्रों और वकीलों को भी चीन के दमनकारी अभियान का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि वे अक्सर सामाजिक न्याय की मांग उठाते हैं। मानवाधिकार वकीलों को अक्सर उनके लाइसेंस रद्द करने या उन्हें मनमानी हिरासत में लेने की धमकियां देकर चुप कराया जा रहा है। छात्र प्रदर्शनकारियों को भी राज्य विरोधी गतिविधियों के नाम पर कड़ी सजाएं दी जा रही हैं, जिससे भविष्य की बौद्धिक और क्रांतिकारी आवाजें पूरी तरह कुचली जा रही हैं।
यह भी पढ़ें: ट्रंप का एलान: अमेरिका बेचेगा वेनेजुएला का 5 करोड़ बैरल तेल, भारत को भी मिल सकती है खरीदने की मंजूरी
वैश्विक चिंता और असर
म्यांमार के मीडिया आउटलेट ‘मिज़्ज़िमा न्यूज़’ की रिपोर्ट ने इस बात पर जोर दिया है कि चीन में नागरिक स्वतंत्रताएं कई दशकों के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। अंतरराष्ट्रीय संगठनों की बार-बार की चेतावनियों के बावजूद बीजिंग अपनी नीतियों में कोई बदलाव नहीं कर रहा है और वैश्विक दबाव को अनसुना कर रहा है। यह व्यवस्थित दमन न केवल चीन के आंतरिक लोकतंत्र के लिए खतरा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।
China civil society repression xi jinping human rights crackdown
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Mann Ki Baat: लंगड़ा, दशहरी से लेकर अल्फांसो तक, PM मोदी ने गिनाईं आमों की खूबियां, बोले- आप आम नहीं, खास हैं
May 31, 2026 | 12:49 PMनासिक का ढोंगी बाबा कमलेश महाराज गिरफ्तार: श्मशान में अघोरी पूजा और तंत्र-मंत्र के नाम पर लाखों की ठगी
May 31, 2026 | 12:49 PMAhilyabai Holkar Jayanti: पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने लोकमाता अहिल्याबाई को किया नमन, जानें किसने क्या लिखा
May 31, 2026 | 12:47 PMनागपुर में खौफनाक हुआ मई का महीना: 28 दिन में 14 मर्डर; पिछले साढ़े 3 साल का टूटा रिकॉर्ड
May 31, 2026 | 12:39 PMक्या एसी को18 डिग्री सेल्सियस पर चलाने से मिलती है सबसे ज्यादा ठंडक? जानिए सच
May 31, 2026 | 12:32 PMसिकुड़ते जंगल, आबादी में तेंदुए: नागपुर में बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष बना गंभीर चुनौती, सटीक आंकड़ों का अभाव
May 31, 2026 | 12:30 PMBad Luck plants: इन पौधों की पूजा तो होती है, लेकिन घर में लगाने से बढ़ सकती हैं परेशानियां, जानें वजह
May 31, 2026 | 12:30 PMवीडियो गैलरी

मैच में ऐसा क्या हुआ कि फिक्सिंग-फिक्सिंग चिल्लाने लगे फैंस? सूर्यवंशी की टीम की हार के पीछे की सच्चाई- VIDEO
May 30, 2026 | 10:38 PM
क्या बंद होने वाले हैं कागज के ये नोट? जानिए 1 जून से बदलने वाले 5 बड़े नियम! Video
May 30, 2026 | 05:04 PM
हड़प्पाकालीन पशुपति सील पर अमेरिकी इतिहासकार के दावे पर भड़के भारतीय संत, दिया करारा जवाब, देखें VIDEO
May 30, 2026 | 01:45 PM
सूफियों की वजह से आतंकवाद… मौलाना शहाबुद्दीन का बड़ा बयान, बांग्लादेशी प्रवासियों पर सरकार से की बड़ी अपील
May 30, 2026 | 01:31 PM
15 साल में बंगाल का सत्यानाश…मंत्री दिलीप घोष का फूटा गुस्सा, बोले- नेता-मंत्री-अधिकारी सभी धोखेबाज- VIDEO
May 30, 2026 | 01:19 PM
अब डॉलर पर होगी डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर, जानें किस नोट पर होंगे हस्ताक्षर और क्या कहता है कानून- VIDEO
May 30, 2026 | 11:34 AM














